बागेश्वर। बागेश्वर वन क्षेत्र के छाैना में घायलावस्था में मिले तेंदुए की मौत हो गई। बीती 20 मई को कपकोट क्षेत्र में भी एक तेंदुए की मौत हुई थी।
शुक्रवार सुबह छौना में तेंदुए के झाड़ियों में फंसे हाेने की सूचना मिली। वन रेंजर माेहन सिंह नयाल ने बताया कि सूचना पर वह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर तेंदुआ झाड़ियों में फंसा था, जो जख्मी हालत में था। ट्रैंकुलाइज करने के बाद इलाज के लिए उसे छतीना वन परिसर ले जाया गया, जहां पशु चिकित्सक डॉ. कमल तिवारी, डॉ. कमल पंत, डॉ. हिमांशु ने तेंदुए की जांच की। डॉक्टराें ने तेंदुए को मृत घाेषित कर दिया। उसके बाद शव का पोस्टमार्टम किया। उन्होंने बताया कि मादा तेंदुए की उम्र करीब डेढ़ वर्ष थी। रेंजर ने बताया कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही माैत के कारणों का पता चल पाएगा। माैके पर वन दरोगा गंगा सिंह रावत, वन रक्षक अमित कंडारी, त्रिलाेक पांडे, केवल पांडे आदि मौजूद थे।
--::: बागेश्वर में तेंदुओं का आतंक ::: बागेश्वर। बागेश्वर नगर में तेंदुए की धमक से लोग दहशत में हैं। शुक्रवार की रात तेंदुए ने कठायतबाड़ा में जगदीश डंगवाल का मुर्गी बाड़ा तोड़ दिया। डंगवाल ने बताया कि कुछ दिन पूर्व तेंदुए ने मुर्गी बाड़े में घुसकर दो मर्गियां मार दी थीं। क्षेत्र में दो तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा तो लगा दिया है लेकिन पिंजरे में बकरी अथवा कुत्ता नहीं रखा है, जिससे कि तेंदुआ पिंजरे में घुसे। उन्होंने पिंजरे में बकरी अथवा कुत्ता रखने की मांग की है।