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कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहा केवीके

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कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर के उद्यान में लगे टमाटरों का निरीक्षण करते केंद्र प्रभारी और अन्य ? - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान केंद्र अल्मोड़ा की शाखा कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके)काफलीगैर जिले में खेती और बागवानी को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रही है। केंद्र की ओर से किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण देकर आधुनिक तरीके से खेती करने के गुर सिखाए जाते हैं। उन्नत बीज और पौध देकर पैदावार बढ़ाने में भी मदद की जा रही है।
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केवीके ने वर्ष 2021-22 में मौन पालन को बढ़ावा देने के लिए 125 किसानों के मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण दिया था, जिनमें से 100 किसानों ने मौन पालन का कार्य शुरू कर दिया है। केंद्र की ओर से 50 किसानों को मशरूम उत्पादन, 70 किसानों को पॉलीहाउस में सब्जी उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया। 50 से अधिक किसानों को पोषण उद्यान बनाने के गुर सिखाए गए।
केंद्र में फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए उन्नत किस्म के बीज बनाने का काम भी निरंतर चलता रहता है। पिछले वित्तीय वर्ष में केंद्र ने 30 क्विंटल से अधिक फसल और सब्जी के बीज तैयार किए और प्रमाणित बीजों को किसानों को उपलब्ध कराया। केंद्र की वाटिका में प्याज, फूल गोभी, बंद गोभी, ब्रोकली समेत कई सब्जियों की पौध भी तैयार की जाती है। पिछले वर्ष केंद्र ने एक लाख 31 हजार विभिन्न सब्जियों के पौधे किसानों को उपलब्ध कराए। वहीं केंद्र की वाटिका में भी सब्जी तैयार की गई।
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व्हाट्सएप ग्रुप पर दूर की जाती है किसानों की समस्याएं
बागेश्वर। केवीके की ओर से किसानों को नई-नई जानकारी देने और किसानों की समस्याओं का निदान करने के लिए कृषि एवं विज्ञान संचार नामक व्हाट्स एप ग्रुुप बनाया गया है। इस ग्रुप के माध्यम से फोटो और वीडियो के माध्यम से अपनी समस्याओं का निदान करा सकते हैं। इसी माध्यम से उन्हें समय-समय पर होने वाली गोष्ठी, कार्यशाला और प्रशिक्षण की जानकारी भी मिल जाती है।
केंद्र का प्रयास अधिक से अधिक किसानों को प्रशिक्षित करना है। समय-समय पर होने वाले प्रशिक्षणों का लाभ उठाकर कई किसान अपनी पैदावार बढ़ा रहे हैं। उन्नत बीज और पौधों की मदद से होने वाली उपज से बेहतर आय भी अर्जित कर रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में केंद्र पहले से अधिक किसानों को लाभान्वित करने का प्रयास कर रहा है।
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डॉ. कमल कुमार पांडेय, कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी, काफलीगैर
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