गरुड़ (बागेश्वर)। समूची कत्यूर घाटी में होल्यारों ने घर-घर जाकर छरड़ी खेली। होली के समापन से पूर्व ग्रामीणों ने चौपालों में हलुवा बनाया। छरड़ी के दिन कज्यूली, अणां, माल्दे, बैजनाथ, माल्दे, तिलसारी, नरग्वाड़ी, चनोली, वज्यूला, घेटी, भिलकोट, मवई, भेटा, पाये, सिल्ली, मेलाडुंगरी, बैजनाथ, भिलकोट, पुरड़ा, जिनखोला, नौघर, खडेरिया, पचना अयारतोली आदि गांवों के ग्रामीणों ने जमकर होली मनाई। छरड़ी खेलने के बाद अपने-अपने गांव की चौपाल में होली का हलवा बनाया।