बागेश्वर। संकट मेधा के राह का रोड़ा नहीं बन सकती। ऐसा ही उदाहरण बागेश्वर के विवेकानंद इंटर कॉलेज मंडलसेरा के छात्र कमलेश कांडपाल ने दिया है। कमलेश ने 10वीं की बोर्ड परीक्षा 92.2 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की है। कमलेश का सपना इंजीनियर बनकर देश सेवा करने का है।
जिले के खबडोली निवासी कमलेश के पिता आनंद बल्लभ कांडपाल का वर्ष 2009 में निधन हो गया था। तब कमलेश महज एक साल के थे। उनके पिता के निधन के बाद बेटी सुनीता और नन्हे कमलेश की जिम्मेदारी मां प्रेमा कांडपाल के जिम्मे आ गई। कमलेश के दादा ठाकुर दत्त कांडपाल और दादी चंपा कांडपाल ने कमलेश और उनकी बहन का पूरा ध्यान रखा। उनकी जरूरतें पूरी की। हाल के वर्षों में दादा-दादी का भी निधन हो गया। कमलेश का परिवार जिला मुख्यालय के कठायतबाड़ा स्थित पैतृक आवास में चाचा रमेश चंद्र कांडपाल के संरक्षण में रहता है। चाचा रमेश चंद्र कांडपाल का कहना है कि कमलेश काफी मेहनती है। एक दिन मुकाम अवश्य हासिल करेगा।
बचपन से ही बहुत अभाव देखने वाले कमलेश ने भी खूब मेहनत कर मां और परिवार का सहारा बननी की ठान रखी है। यही कारण है कि कमलेश पढ़ाई में खूब मेहनत कर रहा है। कमलेश की बड़ी बहन सुनीता कांडपाल बागेश्वर महाविद्यालय से बीएससी की पढ़ाई कर रही हैं। कमलेश से उनके परिवार और स्कूल स्टाफ को काफी उम्मीदें हैं।