बागेश्वर के एलआईसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते बीमा कर्मचारी। संवाद
बागेश्वर। संविदा और ठेका प्रथा को बढ़ावा देने के विरोध में बीमा कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार पर स्थायी कर्मचारियों के हितों को सीमित करने, निजीकरण की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने और लंबित मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
शुक्रवार को भारतीय जीवन बीमा निगम कार्यालय के बाहर कंपनी के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कर्मचारी विरोधी नीतियां लागू कर रही है। स्थायी भर्तियों के स्थान पर ठेका प्रथा और संविदा के तहत कर्मचारी नियुक्त किए जा रहे हैं। कर्मचारियों को नई पेंशन स्कीम में जबरन शामिल किया गया है। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाल करने और पेंशन बहाली तक नई पेंशन योजना में प्रबंधकीय योगदान 14 प्रतिशत करने, श्रमिकों के लिए न्यूनतम आय 26,000 रुपये निर्धारित करने समेत सभी समस्याओं का जल्द निदान करने की मांग की। वहां पर बीमा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बसंत कांडपाल, सचिव ललित बिष्ट, देवेश आर्या, रोहित कुमार, नवीन बिष्ट, अनिल गोस्वामी, अमर सिंह आदि थे।