बागेश्वर के भैरूचौबट्टा में गैस वाहन पहुंचने पर कर्मचारियों का स्वागत करते लोग। संवाद
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बागेश्वर। असुविधा की मार के बाद जब सुविधा मिलती है तो वह किसी मरहम सरीखी होती है। भैरूचौबट्टा के लोगों को इसका एहसास इलाके में पहली बार रसोई गैस का वाहन पहुंचने पर हुआ। क्षेत्र के लोगों ने इस खुशी में गदगद होकर गैस एजेंसी कर्मचारियों का स्वागत और सम्मानित किया।
रसोई गैस की होम डिलिवरी नगरों और महानगरों के लिए तो आम बात है लेकिन दुर्गम इलाकों में आज भी गैस सिलिंडर रिफिल कराना पहाड़ चढ़ने जितना कठिन है। जिले के भैरूचौबट्टा क्षेत्र की दास्तान भी कुछ ऐसी ही है। यहां रसोई गैस का वाहन नहीं जाता था। क्षेत्र के लोगों को करीब 20 किमी दूर जिला मुख्यालय से रसोई गैस का सिलिंडर रिफिल कराना पड़ता था।
भैरूचौबट्टा के ग्राम प्रधान नवीन चंद्र लंबे समय से क्षेत्र में रसोई गैस के वाहन की सुविधा देने के लिए संघर्षरत थे। शनिवार को पहली बार रसोई गैस का वाहन क्षेत्र में पहुंचा तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ग्राम प्रधान के नेतृत्व में लोगों ने रसोई गैस एजेंसी कर्मियों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया।
ग्राम प्रधान ने कहा कि क्षेत्र के लोगों को रसोई गैस रिफिल कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, अब लोगों को घर के पास सिलिंडर मिलेगा। गणेश चंद्र धौनी, कमलेश चंद्र धौनी, मदन मोहन, मनोहर धौनी, विशन नाथ, सुशील कुमार आदि ने रसोई गैस रिफिल कराने की सुविधा मिलने पर खुशी जताई है। लोगों का कहना है कहा है कि अब नियमित रूप से क्षेत्र में रसोई गैस का वाहन आना चाहिए।