बागेश्वर के जिला अस्पताल में लगे वेंटिलेटर।
बागेश्वर। कोरोना महामारी ने हर क्षेत्र को गहरे जख्म दिए। अधिकतर लोग परेशान रहे। लॉकडाउन से अनजान लोगों ने यह विभीषिका देखी। अपनों को बिछड़ते देखा तो रोजी-रोटी भी छिनती देखी लेकिन इस सब के बावजूद कोरोनाकाल स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से मुफीद भी रहा।
कोरोना काल में 1,150 एलपीएम क्षमता के चार ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट (ओजीपी) लगे। इनमें से 400 और 250 एलपीएम क्षमता के दो प्लांट जिला अस्पताल में स्थापित हुए 250-250 एलपीएम के ओजीपी कांडा और कपकोट सीएचसी में लगे। ऑक्सीजन के लिए जिले की बाहरी क्षेत्रों पर निर्भरता समाप्त हो गई। इससे पहले ऑक्सीजन सिलिंडर रुद्रपुर से रीफिल कराने पड़ते थे। जिला अस्पताल को 114 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मिले। अब गंभीर रूप से बीमार लोगों को कंसंट्रेटर के जरिये घर पर भी ऑक्सीजन की सुविधा दी जाती है। जिले में कोरोना काल में बढ़ी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ जनता को अब भी मिल रहा है।
आईसीयू वार्ड, फर्नीचर की भी सौगात
बागश्वर। कोरोना काल से पहले जिला अस्पताल में आईसीयू की सुविधा नहीं थी। कोरोनाकाल में बने आईसीयू वार्ड में छह बेड वयस्कों के लिए और छह बेड बच्चों के लिए लगे हैं। कोरोना काल में फर्नीचर भी बढ़ा। जिला अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों को सौ से अधिक नए बेड मिले। कोरोना काल में जिला अस्पताल को 17 वेंटिलेटर मिले। इससे पहले जिले में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं थी। यह वेंटिलेटर आवश्यकतानुसार बच्चों के लिए भी उपयोग में लाए जा सकते हैं।
ओजीपी अब भी काम कर रहे हैं। ऑक्सीजन के लिए बाहरी क्षेत्र पर निर्भरता समाप्त हो गई है। वेंटिलेटर और आईसीयू का लाभ मरीजों का मिल रहा है। - डॉ. वीके टम्टा, सीएमएस, जिला अस्पताल, बागेश्वर।