बागेश्वर में घर जाने के लिए पंजीकरण कराने एसडीएम कार्यालय पहुंचे मजदूर। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। लॉकडाउन के कारण बागेश्वर में फंसे बाहरी प्रदेशों के मजदूरों में घर जाने की बेताबी है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो दिन में सवा पांच सौ मजदूरों ने प्रशासन के पास पंजीकरण कराया है। जिले में बिहारी, यूपी, कश्मीर और नेपाल के करीब 6000 मजदूर हैं। बिहार और यूपी के मजदूरों में घर जाने की बेताबी दिख रही है लेकिन नेपाल के मजदूरों में किसी तरह की बेताबी नहीं है। जिले में यूपी, बिहार और कश्मीर के 3714 मजदूर हैं। इनमें 55 मजदूर कश्मीर के हैं, जबकि 2287 मजदूर नेपाल के हैं। लॉकडाउन के कारण मजदूरों की रोजी-रोटी छिन गई है। प्रशासन से मिल रहे राशन से यह लोग गुजारा कर रहे हैं। प्रवासी मजदूरों की घर वापसी की राह खुलने पर यूपी और बिहार के मजदूर पास बनाने के लिए पंजीकरण कराने लगे हैं। शुक्रवार को बागेश्वर तहसील में बिहार और यूपी के 275 लोगों ने घर वापसी के लिए आवेदन दिया। शनिवार को करीब ढाई सौ लोगों ने पंजीकरण कराया। उपजिलाधिकारी राकेश तिवारी का कहना है कि संबंधित राज्यों की सरकार से संपर्क किया जा रहा है। वहां तालमेल होने के बाद इन मजदूरों को संबंधित प्रदेशों के लिए भेजा जाएगा।