बागेश्वर में बौरों से लकदक आम का पेड़। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। इस बार आम के पेड़ बौरों से लकदक हैं। जिससे आम उत्पादकों के चेहरे खिलना लाजमी है। उद्यान विभाग के अनुसार इस बार जिले में 400 से 500 मीट्रिक टन आम का उत्पादन होने का अनुमान है। पिछले वर्ष जिले में करीब 300 मीट्रिक टन आम की पैदावार हुई थी। बागेश्वर जिले में आम का बहुतायत में उत्पादन होता है। बागेश्वर तहसील के साथ ही कपकोट, गरुड़ में आम की अच्छी पैदावार होती है। कांडा क्षेत्र में भी आम की पैदावार होती है लेकिन इन तहसीलों की अपेक्षा कम होती है। इस बार आम के पेड़ बौरों से लकदक हैं। मौसम की मेहरबानी रही और फल उत्पादन आम को रोगों से बचा पाए तो इस बार आम फल उत्पादकों के लिए काफी मुनाफे का सौदा होगा।
:: इनसेट :: समय पर करें कीटनाशकों का छिड़काव ::बागेश्वर। जिला उद्यान अधिकारी आरके सिंह कहते हैं कि इस बार आम के पेड़ों में फ्लावरिंग अच्छी है। जिले में 400 से 500 मीट्रिक टन आम की पैदावार होने की संभावना है। बताते हैं कि फल उत्पादकों को एक-एक महीने के अंतराल में दो बार रसायन, फफूंदीनाशक और कीटनाशक का छिड़काव करना चाहिए। आम को हापर रोग से खतरा रहता है। यदि हापर रोग लगता है तो एक-एक हफ्ते के अंतराल में कीटनाशक का छिड़काव करना चाहिए।