बागेश्वर। राजमार्ग, सड़कों, वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की हाईकोर्ट की समय सीमा लगातार नजदीक आती जा रही है। इसके साथ ही लोगों में प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई को लेकर उत्सुकता बढ़ रही है।
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बीते 26 जुलाई को राज्य के सभी डीएम और डीएफओ को राजमार्ग, सड़कों, वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए। डीएम और डीएफओ से आदेश का पालन कर चार सप्ताह क्रियान्वयन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। डीएम अनुराधा पाल और डीएफओ उमेश चंद्र तिवारी ने हाईकोर्ट के आदेश के तीसरे दिन आदेश की प्रति मिलने की बात स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करने की बात कही।
अब तक जिले में अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस दिशा में पजिला प्रशासन और डीएफओ इस संबंध में क्या कदम उठाते हैं, यह देखवा दिलचस्प होगा।
राजस्व न्यायालय में लंबित हैं वाद
बागेश्वर। बागेश्वर नगर में नदियों के तट, नदी के किनारे और राजमार्ग पर अतिक्रमण कर भवन बनाने के कई मामले राजस्व (कुमाऊं कमिश्नर) न्यायालय में लंबित हैं। सूत्रों के अनुसार नगर के बहुचर्चित अतिक्रमण के मामले में डीएम न्यायालय से ध्वस्तीकरण के आदेश के खिलाफ संबंधित लोग राजस्व न्यायालय की शरण में गए। राजस्व न्यायालय से इन लोगों को स्टे मिला है। इस प्रकरण में कमिश्नर के राजस्व न्यायालय में 28 अगस्त को सुनवाई होनी है। संवाद