बागेश्वर। कल हमारा जिला 27वें वर्ष में प्रवेश करेगा। नजर 26 साल की बड़ी उपलब्धियों की करें तो जिले ने खेलों के क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल किया है। जिले के खिलाड़ियों ने फुटबाल, क्रिकेट, ताइक्वांडो के क्षेत्र में ऊंचा मुकाम हासिल किया है और राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी चमक बिखेर रहे हैं।
बागेश्वर के सितारे
फुटबॉल : कपकोट के बघर निवासी रोहित दानू ने बागेश्वर से ही फुटबाल की बारीकियां सीखी। होनहार रोहित भारतीय फुटबॉल टीम के अंडर 14, 15, 17, 19, 23 का सफर तय करते हुए इसी साल भारतीय फुटबॉल टीम में शामिल हुए हैं। रोहित की उपलब्धि में उनके कोच नीरज पांडेय की अहम भूमिका रही है।
क्रिकेट : बागेश्वर के बिलखेत निवासी दीपक धपोला उत्तराखंड की क्रिकेट टीम के उभरते हुए सितारे हैं। इस साल उन्हें दक्षिण भारत की टीम से प्रतिष्ठित दलीप ट्राफी में खेलने का मौका मिला। वर्तमान में दीपक ड्रम क्लब की ओर से इंग्लैंड में काउंटी में अपना जौहर दिखा रहे हैं। भारतीय क्रिकेट टीम का सफर तय चुके मनीष पांडेय और राष्ट्रीय फलक पर चमक बिखेर रहे क्रिकेटर कमलेश नगरकोटी भी बागेश्वर जिले के ही मूल निवासी हैं। हालांकि इन दोनों क्रिकेटरों की कर्मभूमि महानगरों में रही है।
ताइक्वांडो : जिले में ताइक्वांडो खेल को सिरमौर बनाने में ताइक्वांडो कोच कमलेश तिवारी का अहम योगदान रहा है। उनके ढाई सौ अधिक शिष्य राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विजय पताका फहरा चुके हैं। कई महिला खिलाड़ी इस खेल के बल पर तीलू रौतेली पुरस्कार हासिल करने में कामयाब रहीं। पांडेय की उपलब्धि को देखते हुए राज्य सरकार ने उन्हें द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया है।
केवीके से संवर रही खेती, किसानी
बागेश्वर। बागेश्वर जिले के 26 साल की विशेष उपलब्धियों पर गौर करें तो विवेकानंद कृषि अनुसंधान केंद्र अल्मोड़ा के अधीन जिले में खुले कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) जिले के किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। किसानों को खेती की नई तकनीक नसीब हो रही है। आज जिला कीवी उत्पादन के क्षेत्र में काफी बेहतर काम कर रहा है। इस काम में केवीके के साथ ही उद्यान और कृषि विभाग के अधीन पूर्व में संचालित ग्राम्या परियोजना का भी भी अहम योगदान है।
उच्च शिक्षा पर हुआ काम, नई प्रशासनिक इकाईयां बनी
बागेश्वर। जिले के गठन के बाद उच्च शिक्षा के क्षेत्र में काफी काम हुआ है। बागेश्वर पीजी कॉलेज को कैंपस का दर्जा मिला है। कपकोट, गरुड़, कांडा, दुगनाकुरी में नए डिग्री काॅलेज खुले हैं। कपकोट, कांडा, गरुड़ सब डिवीजन तो दुगनाकुरी, काफलीगैर को तहसील और शामा को उप तहसील का दर्जा मिला है।
27वें वर्ष से उम्मीद
- 3.7 एमएलडी की निर्माणाधीन मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना जनता को होगी समर्पित।
- सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की डीपीआर को मंजूरी मिलने की आस (शासन में लंबित)
- स्वीकृत 200 बेड के अस्पताल और 50 बेड के क्रिटिकल केयर सेंटर का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद।
- बागेश्वर से अल्मोड़ा जिले की सीमा कनगाड़छीना तक राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण की कवायद होगी शुरू (सड़क परिवहन मंत्रालय भारत सरकार ने दी है स्वीकृति)
- रोडवेज डिपो के व्यवस्थित होने की उम्मीद, हो रहा कार्यशाला परिसर और पेट्रोल पंप का निर्माण।
- नव स्थापित सोबन सिंह जीना विवि के बीडी पांडेय परिसर के व्यवस्थित होने की आस।
- प्रसाद योजना और मानसखंड मंदिरमाला योजना के तहत बागनाथ और बैजनाथ धाम के कायाकल्प की उम्मीद (दोनों योजनाओं में चयनित हैं धाम)
- खेल स्टेडियम का निर्माण शुरू होने की उम्मीद (भूमि खेल विभाग के अधीन हुई, बन रही डीपीआर)।