बागेश्वर। कनलगढ़ घाटी के जगथाना गांव में बारिश के दौरान जंगल चुगान के लिए छोड़ी गई ग्रामीण गोविंद सिंह की 20 बकरियां बिजली की चपेट में आ गई। बैड़ामझेड़ा गांव में कपकोट के ज्येष्ठ प्रमुख हरीश मेहरा के मछली के तालाब में ओलावृष्टि के दौरान हजारों की संख्या में मछलियां मर गईं। विकासखंड के दारसिंग में मछली पालक प्रह्लाद सिंह के तालाब में पाली गईं मछलियां भी ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गईं। इधर, सीवीओ डॉ. डीके चंद ने बताया कि दैवी आपदा के दौरान मारी गई बकरियों के लिए पशुपालक को जांच के बाद नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। वरिष्ठ मत्स्य निरीक्षक मनोज मियान ने बताया कि दोनों जगह तालाबों में पांच-पांच हजार मछलियों के सीड डाले गए थे। जो इन दिनों ग्रोथ कर रहे थे। ओलावृष्टि से सभी मछलियों के मरने की सूचना मिली है। संवाद