बागेश्वर। धरमघर के कस्तूरी मृग अनुसंधान केंद्र में चार कस्तूरी मृग की मौत हो गई है। मौत का कारण बीमारी माना जा रहा है। डीएम अनुराधा पाल ने निर्देश पर पशुपालन विभाग की टीम ने केंद्र पहुंचकर जांच की है। इस समय केंद्र में 13 कस्तूरी मृग हैं।
अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. ललित मोहन सिंह नयाल ने बताया कि कस्तूरी मृग के घुटने के आसपास सूजन से बीमारी शुरू हुई और उनके पेट खराब हो गया। इस कारण मृग की मौत हुई। उन्होंने कहा कि पहली मौत तीन सितंबर, दूसरी 11 सितंबर को हुई। 13 सितंबर को दो कस्तूरी मृग ने दम तोड़ा। दम तोड़ने वाले मृग में एक नर और तीन मादा थे।
प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. कमल पंत का कहना है कि कस्तूरी मृग के बीमारी से मरने की सूचना क्षेत्रवासियों से मिलने के बाद डीएम पाल ने मौके पर जाकर निरीक्षण और जांच के निर्देश दिए थे। मंगलवार को पशु चिकित्सकों ने वहां का दौरा किया। वर्तमान में भी एक मृग बीमारी की चपेट में है।