बागेश्वर। कनलगढ़ घाटी के गांव जगथाना की ट्राउट मछली की मांग प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बढ़ने के बाद पूरे जिले में मछली पालन को बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई है। प्रशासन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अमृत सरोवरों में मछली पालन की सुविधा मुहैया कराने जा रहा है। जिले में बन रहे 85 अमृत सरोवरों में से 25 सरोवरों का चयन मछली पालन के लिए किया गया है, जिनमें ग्रामीण समूह बनाकर मछली उत्पादन करेंगे। मछलियों का विपणन विभिन्न माध्यमों से बाजार में किया जाएगा।
मछली पालन के लिए साफ पानी की जरूरत पड़ती है। जिसे देखते हुए प्रशासन ने उन सरोवरों का चयन मछली पालन के लिए किया है, जो जल स्रोतों के पास बने हैं। इन सरोवरों में स्रोत से निरंतर पानी की आपूर्ति होती रहती है। चयनित सरोवरों में बागेश्वर ब्लॉक के 14, गरुड़ के आठ और कपकोट के तीन सरोवरों को शामिल किया गया है।
सरोवरों में मछली पालन के लिए ग्रामीण मछली पालकों को शामिल कर समूह बनाए गए हैं। समूहों के माध्यम से उत्पादित होने वाली मछलियों को वन विभाग, एनआरएलएम के स्वयं सहायता समूह, स्वयं सहायता समूह, प्राथमिक जीवी सहकारी समिति, फिश वैन एवं मोटरसाइकिल आदि के माध्यम से बाजारों में लाया जाएगा। जिन्हें होटल, रेस्टारेंट, होम स्टे सहित नजदीकी बाजार में बेचकर प्राप्त होने वाली आय अर्जित की जाएगी।
इन सरोवरों में होगा मछली उत्पादन
बागेश्वर। मछली पालन के लिए बागेश्वर ब्लॉक में तुपेड़, बुगाड़ी, सिमतोली, सैैंज, खौलसीर, सात, डोबा, रैखोली, भैरुचौबट्टा, खोलाखेत, सानिउडियार, रतघर, ग्वाड़-भिलकोट और महतगांव का चयन किया गया है। गरुड़ ब्लॉक के छटिया, पुरड़ा, सिरकोट, हैगाड़, लमचूला, पुुरड़ा, परकोट और कौसानी स्टेट में बने सरोवरों में मछली पालन किया जाएगा। कपकोट ब्लॉक के बदियाकोट, पेठी और पोथिंग ग्राम पंचायत में बने अमृत सरोवरों का चयन मछली पालन के लिए किया गया है।
जिले में अमृत सरोवरों का निर्माण कार्य अभी चल रहा है। कुछ सरोवरों में स्वतंत्रता दिवस पर मछली के बीज डालकर मछली पालन की शुरुआत कर दी गई है। हालांकि अभी कई चयनित सरोवरों का निर्माण कार्य चल रहा है। सभी सरोवरों के बनने के बाद मछली पालन का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। स्वरोजगार की दिशा में यह प्रयास लोगों के लिए मददगार साबित होगा।
मनोज मियान, वरिष्ठ मत्स्य निरीक्षक, बागेश्वर