कौसानी/बागेश्वर। कौसानी के अनासक्ति आश्रम में दो दिवसीय बाल साहित्य गोष्ठी संपन्न हो गई है। गोष्ठी में विभिन्न जिलों से आए 67 साहित्यकारों ने भागीदारी की। वक्ताओं ने बच्चों की मोबाइल से नजदीकी और किताबों से बढ़ती दूरी पर चिंता जताई और पठन-पाठन के प्रचलन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
समापन समारोह वरिष्ठ बाल साहित्यकार रमेश चंद्र पंत की अध्यक्षता में हुआ। दूर साइंस फोरम के विजय भट्ट, वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मी प्रसाद बडोनी, वैज्ञानिक डॉ. डीएस रावत, एसस रावत, केपीएस अधिकारी समेत अनेक वक्ताओं ने बच्चों को किताबों से जोड़ने के लिए अभिभावकों, शिक्षकों, साहित्यकारों की ओर से पहल करने की जरूरत पर जोर दिया। एडवोकेट कृष्णा सिंह बिष्ट ने संगोष्ठी में उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान का आभार जताया। बालप्रहरी के संपादक और बाल साहित्य संस्थान अल्मोड़ा के सचिव उदय किरौला ने बाल साहित्य को बढ़ाने के लिए किए जा रहे कार्यों पर चर्चा की। संगोष्ठी के दौरान बाल पत्रिकाओं की विशेष प्रदर्शनी और बाल काव्य गोष्ठी भी आयोजित की गई। समापन पर हिंदी संस्थान की प्रधान संपादक डॉ. अमिता दुबे ने अतिथि साहित्यकारों को प्रतीक चिह्न प्रदान किए। इस मौके पर वरिष्ठ कवियित्री डॉ. गीता नौटियाल, प्रो. गिरीश चंद्र जोशी, श्याम कृष्ण सक्सेना, चंद्र सिंह चौहान, प्रमोद तिवारी, डॉ. गिरीश अधिकारी, इंद्रेश नौटियाल आदि मौजूद रहे।