अल्मोड़ा। जिले के इंटरमीडिएट कॉलेज में विज्ञान विषय की पढ़ाई भगवान भरोसे है। ऐसा इसलिए क्योंकि जिले के 166 इंटरमीडिएट कॉलेज में विज्ञान शिक्षकों के 199 पद खाली हैं। वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर बनने का सपना पाले बच्चे बिना गुरुजी के अपने बूते पढ़ाई कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में संचालित 145 जीआईसी में भौतिक विज्ञान विषय के शिक्षकों के 139 पद सृजित है लेकिन इनमें 72 पद रिक्त है। रसायन विज्ञान में सृजित 139 पदों के सापेक्ष 49 पद, जीव विज्ञान में स्वीकृत 130 पदों के सापेक्ष 51 पद रिक्त चल रहे हैं। करीब 25 हजार से अधिक विद्यार्थी सपने तो देख रहे हैं लेकिन उन्हें संजोने वाला कोई नहीं है। वह भी तब जब नई शिक्षा नीति का हल्ला चल रहा है।
बालिका स्कूल का भी यही हाल
अल्मोड़ा। बेटियों के लिए संचालित 21 जीजीआईसी में भौतिक विज्ञान विषय के प्रवक्ता के 21 पद सृजित हैं लेकिन 10 पद रिक्त हैं। रसायन विज्ञान में 11, जीव विज्ञान में छह प्रवक्ता के पद खाली हैं।
अंग्रेजी के शिक्षक भी नहीं हैं पूरे
अल्मोड़ा। जीआईसी में अंग्रेजी शिक्षकों की भी कमी बनी है। जिले में संचालित इंटर कॉलेज में अंग्रेजी विषय के प्रवक्ताओं के 145 पद स्वीकृत हैं। बावजूद इसके 58 पद रिक्त हैं।
कोट
- विज्ञान विषयों में शिक्षकों की कमी है। खाली पदों के सापेक्ष अतिथि शिक्षकों की तैनाती के प्रयास हो रहे हैं। रिक्त पदों की सूचना निदेशालय को भेजी गई है।
-हेमलता भट्ट, मुख्य शिक्षाधिकारी, अल्मोड़ा।
जीआईसी खीड़ा की समस्याएं दूर करने की मांग
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। खीड़ा के ग्रामीणों ने जीआईसी खीड़ा में गणित का पद सृजित करने, एनसीसी खोलने, जीर्णक्षीर्ण हो चुके कक्ष कक्षों का निर्माण करने, मोबाइल टावर लगाने आदि मांगें पूरी न होने पर रोष जताया है। डीएम को भेजे ज्ञापन में पीटीए अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नेगी ने समस्याओं का निदान न होने पर दो जुलाई से आमरण अनशन करने की चेतावनी दी है। संवाद
फोटो- 13 एएलएम 9 पी- मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय अल्मोड़ा। संवाद