बागेश्वर। डीएम अनुराधा पाल ने जिला योजना, राज्य व केंद्र पोषित और वाह्य सहायतित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने जिला योजना में अवमुक्त राशि के सापेक्ष कम खर्च होने को गंभीरता से लिया। चेतावनी दी कि जो विभाग जिला योजना कार्य 10 नवंबर तक शुरू नहीं करेंगे उनकी रकम वापस ले ली जाएगी और संबंधित विभाग को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जाएगा।
जिला सभागार में हुई बैठक में सीडीओ आरसी तिवारी ने बताया कि जिला योजना में स्वीकृत परिव्यय 5519.19 लाख के सापेक्ष विभागों को 5361.03 लाख रुपये अवमुक्त किए गए। इसके साापेक्ष विभागों ने 1610.14 लाख व्यय किया है जो अवमुक्त राशि का 30 प्रतिशत है। राज्य योजना में 61.60, केंद्र पोषित में 93.24 और वाह्य सहायतित में 95.40 प्रतिशत व्यय किया गया। अध्यक्षता करते हुए डीएम पाल ने विभागों से कार्यों में तेजी लाकर योजनाओं की राशि समय पर खर्च करने के लिए कहा।
सीडीओ को बीसूका में बी और सी श्रेणी के विभागों की सूची जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला योजना की दूसरी किस्त विभागों को जारी कर दी गई है। विभागीय अधिकारी एक सप्ताह के भीतर कोषागार से योजना की धनराशि अवमुक्त कराकर कार्य शुरू कराएं। उन्होंने टास्क फोर्स अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में जाकर विकास कार्यों का सत्यापन करना सुनिश्चित करने और आख्या जिला कार्यालय या सीडीओ कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कहा कि जो भी अधिकारी कार्य में लापरवाही बरतेगा उसके खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, डीडीओ संगीता आर्या समेत सभी विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।