काश्तकारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के खिलाफ बागेश्वर में प्रदर्शन करते कांग्रेसी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : AMAR UJALA
बागेश्वर। कांडा क्षेत्र के सुनारगांव और बजीना क्षेत्र में खड़िया खननकर्ता पर समझौते का पालन न करने का आरोप लगाते हुए क्रमिक अनशन करने वाले काश्तकारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने पर कांग्रेसियों और प्रभावितों ने नाराजगी जताते हुए जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया।
राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा के नेतृत्व में जिलाधिकारी रंजना राजगुरु से मिले कांग्रेसियों ने मुकदमे वापस लेने की मांग की। कांग्रेस प्रदेश महासचिव पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी के नेतृत्व में जिला मुख्यालय में एकत्र कांग्रेसियों ने सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि खड़िया खननकर्ता के उत्पीड़न से परेशान लोगोें ने पूर्व में ही अनशन करने संबंधी पत्र प्रशासन को दे दिया था। प्रशासन ने इस पत्र का कोई संज्ञान लिया और नहीं क्रमिक अनशन पर रोक लगाई। लोगों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को अनशन शुरु किया तो पुलिस ने जिला पंचायत सदस्य पूजा आर्या समेत 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने कहा कि काश्तकारों के खिलाफ खननकर्ता के इशारे पर कार्रवाई की गई है, जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य पूजा आर्या ने कहा कि वह ग्रामीणों के बुलावे पर अनशनस्थल पर गईं थीं, उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर दिया गया। खनन प्रभावित चंपा कांडपाल ने कहा कि खननकर्ता उत्पीड़न कर रहा है, उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रदर्शन में सुरेश खेतवाल, गीता रावल, इंदिरा जोशी, गीतांजलि आदि शामिल थे।