बागेश्वर। बेमौसम बारिश से कई फसलों के प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है। बारिश से प्याज और लहसुन के पौधों पर बैंगनी धब्बा नामक बीमारी की आशंका बढ़ गई है। मटर की फलियां और धनिया के बीजों को भी नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल को फिलहाल नुकसान नहीं हुआ है।
अप्रैल में गर्मी बढ़ जाती है। पिछले वर्ष तक अप्रैल के पहले सप्ताह में जिले का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता था, लेकिन इस बार 24 डिग्री सेल्सियस को पार नहीं कर सका है। गर्मी में ठंड का अहसास लोगों के साथ-साथ पेड़-पौधों को भी प्रभावित कर रहा है।
लगातार बारिश से प्याज और लहसुन की पत्तियों पर बैंगनी रंग के धब्बे पड़ने लग जाते हैं। धीरे-धीरे यह बीमारी पूरे पत्ते को जकड़ लेती है और पौधा झुलसकर मरने लगता है। बेमौसम बारिश ने जिले में इस बीमारी के बढ़ने की आशंका बढ़ा दी है। अधिक बारिश के कारण मटर की फलियां खराब हो रही हैं और धनिये के बीज भी कहीं गिरकर तो कहीं सड़कर बर्बाद हो रहे हैं। बारिश के इस दुष्प्रभाव का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
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अधिक बौर के बावजूद घट सकती है आम की पैदावार
बागेश्वर। जिले में इस साल आम के पेड़ों पर आए बौर को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि आम का रिकॉर्ड उत्पादन होगा, लेकिन वैज्ञानिकों की मानें तो बेमौसमी बारिश से इन मंसूबों पर पानी फिर सकता है। बारिश के कारण आम का परागण प्रभावित हुआ है। जिसका सीधा असर फल उत्पादन पर पड़ सकता है। जिस मात्रा में आम की पैदावार होने का किसान अनुमान लगा रहे थे, बारिश के कारण उसकी पूर्ति होनी मुश्किल है।
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प्याज और लहसुन को बैंगनी धब्बा बीमारी से बचाने के लिए दो ग्राम एम-45 दवा को प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव किया जाता है। बारिश के कारण इस साल आम की पैदावार कम होना तय है। हालांकि गेहूं की फसल को बारिश से नुकसान नहीं होगा।
डॉ. कमल पांडेय, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र, काफलीगैर