बागेश्वर। बागेश्वर के ऐतिहासिक झूलापुल से आवाजाही बंद होने से नगर के कत्यूर बाजार की रंगत फीकी हो गई है। इसका असर व्यापारियों पर पड़ रहा है।
जिला प्रशासन ने 19 जुलाई को ऐतिहासिक झूलापुल से आवाजाही पर रोक लगा दी थी। पुल को खतरा बताते हुए मरम्मत कराने की बात कही गई थी। करीब चार महीने बाद भी झूलापुल की मरम्मत नहीं हुई है। झूलापुल नगर के दुग बाजार और कत्यूर बाजार को आपस में जोड़ता है। कांडा रोड से आने लोग भी कत्यूर बाजार, गुरुद्वारा क्षेत्र और बागनाथ मंदिर आने के लिए झूलापुल का प्रयोग करते थे।
झूलापुल से आवाजाही न होने का असर कत्यूर बाजार और आसपास के बाजार पर पड़ा है। झूलापुल से आवाजाही सुचारु न होने पर व्यापारी सवाल खड़े कर रहे हैं। हाल में विधायक पार्वती दास ने यह मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने उठाया था। विधायक ने कहा था कि झूलापुल बंद होने का असर बाजार पर पड़ रहा है। यह मामला सीएम के समक्ष उठने के बाद भी पुल की मरम्मत होने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। व्यापारी सोशल मीडिया में झूलापुल बंद होने का मुद्दा उठा रहे हैं।
पुल की मरम्मत जल्द हो
बागेश्वर। नगर के व्यापारी सचिन रावल, गोविंद साह जगाती, महिपाल भरड़ा, संजय चौधरी का कहना है कि जिला प्रशासन ने चार महीने पहले झूलापुल को मरम्मत के नाम पर बंद किया, लेकिन अब तक पुल की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। झूलापुल बंद होने का असर व्यापार पर पड़ रहा है। पुल की तत्काल मरम्मत होनी चाहिए, ऐसा न हो कि जनवरी में होने वाले ऐतिहासिक उत्तरायणी मेले में भी झूलापुल बंद ही रहे। संवाद
पुल की मरम्मत के संबंध में सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) रुड़की से वार्ता हुई है। इंस्टीट्यूट की टीम 15 नवंबर के बाद झूलापुल का जायजा लेगी। इसके बाद पुल की मरम्मत कराकर आवाजाही सुचारु कराई जाएगी।
- अनुराधा पाल, डीएम, बागेश्वर