कपकोट/बागेश्वर। कपकोट के भद्रतुंगा में पहली बार आयोजित हो रहे लघु अर्धकुंभ श्रीराम महायज्ञ की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। भद्रतुंगा में मैदान के समतलीकरण का कार्य पूरा हो गया है। व्यास मंच और हवन कुंड के निर्माण कार्य की शुरुआत हो गई है। बाहरी साधु-संतों और श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। 100 से अधिक श्रद्धालु और साधु-संत अब तक भद्रतुंगा पहुंच चुके हैं।
वर्ष 2017 में सरमूल, सहस्त्रधारा, भद्रतुंगा विकास समिति ने सरयू नदी के उद्गम स्थल सरमूल और धार्मिक स्थल भद्रतुंगा को विश्व पटल पर पहचान दिलाने की मुहिम शुरू की थी। पिछले सात वर्षों के दौरान सरमूल, सहस्त्रधारा और भद्रतुंगा जिले के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहा है। अब पहली बार भद्रतुंगा में तीन से 11 मई तक कूर्मांचल लघु अर्धकुंभ नाम से श्रीराम महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को लेकर जिले वासियों में उत्साह है।
महायज्ञ के लिए जिला पंचायत की ओर से भद्रतुंगा मंदिर और आश्रम तक करीब 500 मीटर की सड़क तैयार की गई है। अस्थायी शौचालय बनाने का काम चल रहा है। मैदान में हवन कुंड और व्यास मंच के निर्माण की सामग्री पहुंच चुकी है।
सरमूल, सहस्त्रधारा, भद्रतुंगा विकास समिति के अध्यक्ष भगवत कोरंगा ने बताया कि लघु अर्धकुंभ समिति के बैनर तले भव्य और दिव्य आयोजन किया जाएगा।
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