मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रमणी राय ने तेंदुओं की खालों की तस्करी के मामले में दो लोगों को तीन-तीन साल की कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियुक्त चमोली जिले के थराली निवासी हैं।
थराली के पटवारी क्षेत्र तलवाड़ी अंतर्गत कश्मीनगर निवासी बलवीर राम पुत्र विशन राम और कुंदन राम पुत्र कनक राम तेंदुओं की दो खालों के साथ 26 फरवरी 2013 को पैदल ही मोटर मार्ग पर बालीघाट से पंद्रह पाली की तरफ आ रहे थे। पुलिस के एसओजी प्रभारी उमी राम आर्या ने बलवीर राम को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
कुंदन राम खाल को छोड़कर वहां से फरार हो गया, और पुलिस के चंगुल में नहीं आया। पुलिस ने बलवीर राम को जेल भेज दिया। फरार कुंदन राम बाद में तस्करी के एक दूसरे मामले में थराली में गिरफ्तार हो गया।
बागेश्वर पुलिस ने थराली से उसे भी रिमांड पर लिया। कुछ समय बाद दोनों को उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई। पुलिस अधीक्षक ने तफ्तीश के लिए मामला वन विभाग को सौंप दिया।
तत्कालीन उप प्रभागीय वनाधिकारी सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी ने मामले की जांच की। यह मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चला। वन विभाग की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र सिंह कोरंगा ने मामले की पैरवी की।
गत दिवस मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।