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पुलिस की तत्परता से संदिग्ध घोषित होने से बच गया बागेश्वर का युवक

Sat, 16 Jul 2016 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
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 पुलिस की तत्परता से बिहार में मिला बागेश्वर जिले का एक युवक संदिग्ध घोषित होने से बच गया। यह युवक पिछले एक साल से घर से लापता था। युवक को पुलिस की सूचना पर बिहार पहुंचे उसके पिता को सौंप दिया गया है। इस पूरे मामले में पुलिस के व्हॉटसएप के नेशनल पुलिस ग्रुप ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार तीन दिन पूर्व बिहार पुलिस का बागेश्वर पुलिस के पास बागेश्वर के चिड़ंग गांव निवासी हरीश चौहान के संदिग्ध अवस्था में पकड़े जाने की सूचना आई। इस सूचना के मिलते ही यहां का पुलिस तंत्र चौकन्ना हो गया। एसओजी के सर्विलांस ग्रुप बागेश्वर में तैनात कांस्टेबल मनोज बेनीवाल ने रात में ही युवक के परिजनों का पता लगाने के बाद उसके बारे में जानकारी जुटा ली। बिहार पुलिस की ओर से एनपीजी व्हॉटसएप ग्रुप में भेजे गए युवक के फोटो को उसके पिता गोपाल सिंह को दिखाया गया।
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स्थानीय स्तर पर युवक का पुराना रिकार्ड खंगालने पर सब कुछ ठीक ठाक मिलने के बाद बिहार पुलिस को पूरी जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस ने एक साल से खोए हुए बेटे को बिहार में पुलिस की हिरासत में होने की बात सुनकर परेशान पिता को पूरी तसल्ली देकर बिहार भेजा गया। एसओजी के कांस्टेबल मनोज बेनीवाल ने बताया कि बिहार में हरीश की उसके पिता गोपाल सिंह की मुलाकात हो गई है। बागेश्वर के एसपी सुखवीर सिंह ने बताया कि बिहार में पकड़ा गया युवक पिछले कुछ समय से लापता था। उसका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं रहा है। पुलिस की तत्परता और व्हॉटसएप ग्रुप ने न केवल एक युवक को संदिग्ध घोषित होने से बचा लिया बल्कि एक साल से बिछुड़े पिता-पुत्र को भी मिला दिया है। 
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