माओवादियों द्वारा की गई वालपेंटिंग।
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अब तक अल्मोड़ा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय कथित माओवादियों ने बागेश्वर जिले में भी दस्तक दे दी है। जिले के काफलीगैर क्षेत्र में शुक्रवार की रात माओवादियों द्वारा वॉल पेंटिंग और पर्चे चस्पा कर दिए। इस घटना से प्रशासन में हड़कंप मच गया। माओवादियों के सक्रिय होने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। बागेश्वर जिले में माओवादियों की सक्रियता का यह पहला मामला बताया जा रहा है।
शनिवार की सुबह काफलीगैर क्षेत्र के बिलौरी के एक प्राथमिक स्कूल और मटेला गांव के नौले-धारे में वॉल पेंटिंग देखी गई। इसमें राज्य सरकार द्वारा पूर्ण शराबबंदी लागू नहीं करने पर शराब की दुकानों को आग लगाने, इसी तरीके से शराब से घर उजड़ने से बचेंगे और शराब माफिया भागेंगे या मारे जाएंगे। महिलाओं के इस संघर्ष में भाकपा माओवादी के साथ होने की बात लिखी गई थी। पर्चे में राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू करने और युवाओं को रोजगार दो या बेरोजगारी भत्ता देने और राज्य को पूर्ण नशा मुक्त बनाने तक शराब के खिलाफ संघर्ष जारी रखने सहित तमाम बातें लिखी गई हैं। कुछ घरों के शौचालयों की दीवारों पर भी लिखा गया था। सुबह उठते ही ग्रामीणों ने जब यह देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही झिरौली थाने के एसओ सत्य प्रकाश रायपा जवानों के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को देने के बाद पर्चे और वॉल पेंटिंग की को पुतवा दिया। ग्रामीणों से भी इस मामले में बातचीत की, लेकिन कोई भी रात में की गई वॉल पेंटिंग के संबंध में जानकारी नहीं दे सका। पुलिस ने इस मामले में अज्ञातों के खिलाफ झिरौली थाने में मुकदमा कायम करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। बागेश्वर के एसडीएम एसएस राणा ने बताया कि वॉल पेंटिंग और पर्चे चस्पा करने का मामला प्रकाश में आया है। मामले की जांच कराई जा रही है। जो लोग इसमें लिप्त हैं, उन्हें चिन्हित करने के लिए पुलिस को निर्देशित किया गया है।