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दलित युवक के हत्यारे शिक्षक को आजीवन कारावास की सजा

Thu, 11 May 2017 10:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
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बागेश्वर के भेटा करड़िया गांव में हुए बहुचर्चित दलित युवक हत्याकांड में जिला न्यायालय के विशेष सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त को 20 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। अर्थदंड नहीं देने पर एक साल के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। 
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कांडा तहसील के दूरस्थ भेटा करड़िया गांव में पांच अक्तूबर 2016 की शाम को कुंदन सिंह भंडारी की आटा चक्की में गेहूं पिसवाने गए सोहन राम और शिक्षक ललिता प्रसाद कर्नाटक की किसी बात को लेकर बहस हो गई थी। जब सोहन राम चक्की के बाहर गया तो अभियुक्त ललिता प्रसाद ने दराती से सोहन राम की गर्दन काट दी। गला कटने से सोहन राम की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक के परिजनों की ओर से कांडा थाने में ललिता प्रसाद के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।

यह मामला जिला न्यायालय बागेश्वर में चला। परीक्षण के दौरान विशेष लोक अभियोजक पीसी टम्टा ने 13 गवाह प्रस्तुत किए। अभियोजन की ओर से डीजीसी आबिद हसन, कोर्ट मोहर्रिर इसराज अहमद और पैरोकार नीरज वाणी ने इसमें विशेष सहयोग किया। बृहस्पतिवार को इस मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश एचएस बोनाल ने अपना फैसला सुनाते हुए अभियुक्त ललिता प्रसाद कर्नाटक को आईपीसी की धारा 302 में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियुक्त इस समय अल्मोड़ा जेल में बंद है। 
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