बागेश्वर। पंद्रहपाली गांव में भतीजे द्वारा चाचा की हत्या करने की घटना से हर कोई स्तब्ध है। मृतक गणेश जोशी की पुत्री की शादी होने वाली थी। परिवार इसी तैयारियों में लगा था, लेकिन बेटी के हाथ पीले करने से पहले ही उनकी हत्या हो गई।
जिला मुख्यालय से लगभग 12 किमी दूर स्थित पंद्रहपाली गांव में गणेश जोशी पंडिताई का काम करते थे। ग्रामीणों के अनुसार गिरीश जोशी अक्सर गाली-गलौज करता था। समझाने पर भी दोनों चाचा-भतीजे में विवाद होता रहता था। शुक्रवार को वह यजमान के घर से लौटे थे। इसी बीच उनका भतीजा गिरीश जोशी गाली गलौज करने लगा। जब वह समझाने आए तो दोनों के बीच विवाद हो गया। बहस इतनी बढ़ी कि भतीजे ने चाचा को मौत के घाट उतार दिया।
मृतक गणेश जोशी का एक पुत्र रुद्रपुर में प्राइवेट नौकरी करता है जबकि पुत्री गायत्री की इसी माह शादी होने वाली थी। गायत्री खरीदारी के लिए रिश्तेदारों के साथ हल्द्वानी गई है। गणेश जोशी बेटी की शादी की तैयारियों में लगे थे, लेकिन बेटी के हाथ पीले करने से पहले ही उनको जान गंवानी पड़ी। हत्यारोपी गिरीश जोशी शादीशुदा है। उसका एक बेटा पहली कक्षा में पढ़ता है। बताया जा रहा है कि हत्यारोपी पहले भी अपने चाचा को जान से मारने की धमकी दे चुका है। जिस पर गणेश जोशी ने कोतवाली में शिकायत भी दर्ज कराई थी।
चाचा के कत्ल के बाद काटी आम की टहनियां
बागेश्वर। पंद्रहपाली गांव में चाचा की गर्दन काटने के बाद हत्यारोपी गिरीश जोशी ने भागने की कोशिश नहीं की। ग्रामीणों के अनुसार उसने अपने चाचा की हत्या करने के बाद आंगन के समीप खेत में स्थित आम के पेड़ की टहनियां काटी। इस दौरान वह अन्य लोगों को भी धमकी देता रहा। पुलिस ने भी बमुश्किल हत्यारोपी को काबू किया।