बागेश्वर। अपर सत्र न्यायाधीश शमशेर अली ने शादी का झांसा देकर बलात्कार के आरोपी को दोषी माना है। दोषी को 15 मई को सजा सुनाई जाएगी। बलात्कार के कारण गर्भवती हुई युवती ने 13 नवंबर 2017 की रात को अभियुक्त के घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
मामले के अनुसार गरुड़ क्षेत्र की युवती पंतनगर ऊधमसिंह नगर में नौकरी करती थी। पचना गांव निवासी विनोद कुमार ने उसे अपने प्रेमजाल में फंसाया। शादी का झांसा देकर वह युवती को पंतनगर से भगा ले गया। इसके बाद उसके साथ कई बार बलात्कार किया। इससे युवती गर्भवती हो गई। इसके बाद अभियुक्त विनोद उसे छोड़कर अपने आ गया तो युवती भी नवंबर 17 में उसके घर चली गई। इस बीच युवती, विनोद के परिजनों में समझौते का प्रयास किया गया लेकिन अभियुक्त पहले से ही शादीशुदा एवं एक पुत्री का पिता था। इस कारण राजीनामा नहीं हो सका। इससे परेशान पीड़िता ने 13 नवंबर 2017 की रात विनोद के घर की छत पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दर्शानी पट्टी पटवारी ने शव का पंचनामा, पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के गर्भवती होने की पुष्टि हुई। देहरादून प्रयोगशाला में उसके भ्रूण का परीक्षण किया गया। इसकी रिपोर्ट के मुताबिक अभियुक्त विनोद कुमार ही भ्रूण का जैविक पिता निकला। इसके बाद मामले की विवेचना रेगुलर पुलिस को सौंपी गई। रेगुलर पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आबिद हसन, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंचल सिंह पपोला ने मजबूती से पैरवी की। उन्होंने मृतका के माता-पिता सहित कुल नौ गवाह न्यायालय में परीक्षित कराए। अपर सत्र न्यायाधीश ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 306, 315 में दोषसिद्ध किया। अभियुक्त को 15 मई को सजा सुनाई जाएगी।
15 मई को सजा सुनाई जाएगी
अभियुक्त के घर में फंदे से झूल गई थी पीड़िता गर्भवती