बागेश्वर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश सिंह ने कोतवाली पुलिस को दो साल पहले नदी गांव के सुरेश पंत की आत्महत्या मामले में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मामले में मृतक के इकलौते पुत्र ने न्यायालय में अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से याचिका दायर की है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में दी गई याचिका में नदी गांव निवासी मोहित पंत ने कहा है कि उसके पिता सुरेश चंद्र पंत ने 22 फरवरी 2015 को आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने सूसाइड नोट में अपनी मौत के लिए इंद्र लाल और महेंद्र लाल को जिम्मेदार ठहराया था। नोट में उन्होंने अपना बेवजह उत्पीड़न होने की बात लिखी थी। वह धोखाधड़ी से परेशान थे। आरोपियों द्वारा उनसे लेन-देन का स्टांप पेपर भी लिखवाया गया था। पिता के आत्महत्या करने के तुरंत बाद उसकी माता किरन पंत ने पुलिस में रिर्पोट की थी मगर आरोपियों के प्रभावशाली होने के कारण पुलिस ने रिर्पोट दर्ज नहीं की। इस मामले में उन्होंने 11 नवंबर 2017 को पुलिस अधीक्षक को एक पंजीकृत पत्र दिया।
पत्र में मोहित पंत ने न्यायालय में याचिका देर से देने का कारण बताते हुए कहा कि वह घर से बाहर रहते हैं। उसकी माता भी स्वास्थ्य लाभ के लिए घर से बाहर गई थी। उन्होंने न्यायालय से मामले में पुलिस को आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की गुहार लगाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पत्रावली का अवलोकन कर कोतवाली पुलिस को मामले में शीघ्र प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मोहित पंत की ओर से एडवोकेट विनोद भट्ट और मनोज जोशी ने पैरवी की।