बागेश्वर। थर्टी फर्स्ट की रात को जिले के धूर में पर्यटकों के साथ हुई मारपीट और लूट के आरोपी अभी पकड़ से बाहर हैं। पीड़ित पर्यटक अपना सामान लेने शनिवार को धूर पहुंचे। इस दौरान पुलिस की जांच टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित पर्यटकों के बयान लिए।
31 जनवरी की रात को धूर पर थर्टी फर्स्ट का जश्न मना रहे दिल्ली के नजफगढ़ निवासी पर्यटकों के साथ दो दर्जन से अधिक युवकों ने मारपीट कर दी थी। मारपीट में आठ पर्यटक गंभीर रूप से घायल हुए थे। हमले में घायल पर्यटकों ने जंगल में छुपकर जान बचाई थी। पर्यटकों का सारा सामान मौके पर ही छूट गया था। एक जनवरी की सुबह बागेश्वर पहुंचे पर्यटकों ने पुलिस को आपबीती सुनाई। पर्यटकों ने उनके रुपये और जेवरात लूटने का आरोप भी लगाया।
पर्यटकों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ नामजद जबकि 25 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पर्यटकों के दिल्ली चले जाने के कारण पुलिस ने पूर्व में दिल्ली जाकर पीड़ितों के बयान लिए। कपकोट थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश रायपा ने बताया कि पर्यटक धूर में छूट गए सामान को लेने आए हैं। पर्यटकों के साथ मामले की जांच कर रहे एसआई महेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में जांच टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और पर्यटकों के बयान लिए हैं।