बागेश्वर। गरुड़ बाजार में पखवाड़ा भर पहले बिजली के पोल पर चढ़े युवक के मामले में नाटकीय मोड़ आया है। युवक ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाते हुए बचने के लिए पोल पर चढ़ने की दलील दी है। मामले में युवक और परिजनों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
शुक्रवार को थाना बैजनाथ के खंडरिया गांव निवासी युवक कृष्णा जोशी छोटी बहिन के साथ कलक्ट्रेट पहुंचा और डीएम से इस आशय की शिकायत की। बताया कि सात जून को एक महिला एसआई और पांच सिपाही उसकी दुकान में पहुंचे और जबरन थाना ले जाने की कोशिश करने लगे। इंकार करने पर पुलिस कर्मी उसकी दुकान में घुस गए और उसे पीटने लगे। आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों की पिटाई से उसका पांव टूट गया।
कहा कि पुलिस की पिटाई से बचने के लिए उसे पोल पर चढ़ना पड़ा। युवक ने अपने बचाव में पुलिस द्वारा उसका मेडिकल नहीं कराने की बात कही। पुलिस के आत्महत्या के प्रयास के तहत उसके खिलाफ केस दर्ज करने पर भी सवाल उठाए। युवक ने पुलिस कर्मियों और अपने ताऊ पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जानमाल को खतरा बताया। कहा कि पुलिस के उच्च अधिकारी कार्रवाई तो दूर सुनवाई के लिए भी राजी नहीं है। इस मामले में डीएम से आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
फरियादी ने बहिन संग आत्मदाह की दी धमकी
फरियादी युवक और उसकी छोटी बहिन ने इंसाफ न मिलने पर बीच बाजार आत्मदाह की धमकी दी है। आरोप लगाया कि ताऊ उसकी जमीन हड़प चुके हैं। विवाद के चलते छोटी बहिन का चरित्रहनन करने की कोशिश भी की गई लेकिन पुलिस प्रशासन से उन्हें इंसाफ नहीं मिला। इन हालातों में उनके पास आत्महत्या के सिवा कोई चारा नहीं बचा है।
थानाध्यक्ष ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
मामले में बैजनाथ थानाध्यक्ष मदन लाल ने मारपीट और दूसरे पक्ष से मिलीभगत के आरोप को बेबुनियाद बताया है। एसओ का कहना है कि जमीनी विवाद में न्यायसंगत रूप से दोनों पक्षों पर निरोधात्मक कार्रवाई की गई। युवक का पांव पुलिस की पिटाई से नहीं टूटा, बल्कि भागने के दौरान दीवार से कूदने पर दुर्घटना हुई।