बागेश्वर। कोतवाली क्षेत्र के चौगांवछीना गांव के पास संदिग्ध परिस्थितियों में नेपाली श्रमिक की मौत हो गई।
सेही का शिकार करने खोह (उडियार) में घुसने पर दम घुटने से मृत्यु की आशंका जताई गई है।
दैलेख नेेपाल के नगरपालिका क्षेत्र दुलू निवासी भरत बूढ़ा (22) पुत्र बिरकी बूढ़ा बागेश्वर के रीमा में खड़िया माइन में काम करता था। खड़िया खनन का काम बंद होने के बाद नए रोजगार की तलाश में वह और उसके कुछ साथी बृहस्पतिवार को चौगांवछीना पहुंचे। श्रमिकों ने वहां एक पुराने मकान में आसरा लिया। शाम के समय श्रमिक जंगल में सूखी लकड़ी तलाशने गए थे। वहां से भरत लापता हो गया।
रात तक उसके कमरे पर न लौटने से चिंतित श्रमिकों ने शुक्रवार सुबह उसकी खोजबीन की तो वह पास के जंगल में स्थित उडियार में फंसा दिखा। श्रमिक उसे बाहर निकालने में जुट गए। जब ग्रामीणों को घटना का पता चला तो उन्होंने पुलिस को सूचित किया। ग्रामीणों का मानना है कि भरत सेही का शिकार करने उडियार में घुसा होगा लेकिन उसमें फंसने के कारण बाहर नहीं निकल सका और दम घुटने से उसकी मौत हो गई। कोतवाल केएस नेगी ने बताया कि पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। पुलिस के गांव पहुंचने तक श्रमिक और ग्रामीण शव को उडियार से निकाल चुके थे। घटना की तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच की जाएगी।