बागेश्वर। काफलीगैर तहसील के असों गांव में तेंदुए ने बुजुर्ग महिला को मौत के घाट उतार दिया। झिरौली पुलिस ने मौके पर जाकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। वन विभाग की टीम ने मौका मुुआयना कर गांव में पिंजरा लगा दिया है। क्षेत्र के लोगों ने तेेंदुए को आमदखोर घोषित कर मारने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार असों गांव की गाउली देवी (95) पत्नी स्व. धन सिंह घर में अकेली रहती थीं। शुक्रवार रात वह रोजाना की तरह खाना खाकर सोने चली गई थी। सुबह भतीजे सुरेश सिंह चाय देने गए तो वह घर के भीतर नहीं थीं। उन्होंने आसपास खोजा तो देखा कि आंगन में खून पड़ा है। खून की बूंदें खेतों तक जा रही थी। आगे करीब 40 मीटर की दूरी पर उन्होंने खून से लथपथ और खाल उतरी हुई एक खोपड़ी देखी। कुछ आगे बुजुर्ग महिला का धड़ भी पड़ा था। खेतों में घसीटने के निशान भी थे। उन्होंने आसपास के लोगों को सूचना दी और पूरा गांव घटनास्थल पर एकत्र हो गया।
सूचना मिलते ही रेंजर श्याम सिंह करायत वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। झिरौली के थानाध्यक्ष कैलाश सिंह नेगी भी दलबल के साथ घटनास्थल पर गए। बागेश्वर के एसडीएम हर गिरी भी मौकै पर पहुंचे। रेंजर करायत ने बताया कि प्रथमदृष्टया बुजुर्ग महिला पर तेंदुए के हमले करने का ही अंदेशा है। घटनास्थल पर तेंदुए के पैरों के निशान भी मिले हैं। उन्होंने बताया कि महिला के दामाद नारायण सिंह को तात्कालिक सहायता के रूप में 15 हजार की राशि दी गई है। गांव में पिंजरा लगा दिया गया है। वहीं थानाध्यक्ष कैलाश नेगी ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।
महिला के बेटी दौड़ी-दौड़ी पहुंच गई
बागेश्वर। तेंदुए का निवाला बनने वाली गाउली देवी के परिवार में कोई नहीं था। ग्रामीण गोपाल सिंह असवाल ने बताया कि बुजुर्ग महिला के पुत्र और बहू का कई साल पहले देहांत हो गया था। पोते का भी कुछ साल पहले रेल दुर्घटना में निधन हो गया। उनकी एक पुत्री है जो ससुराल में रहती है। घटना की सूचना मिलने के बाद शनिवार सुबह उनकी पुत्री देवकी देवी और दामाद नारायण सिंह मौके पर पहुंच गए थे।
गांव में कई दिनों से धमक रहा है तेंदुआ
बागेश्वर। असों गांव में महिला को निवाला बनाने से पूर्व भी तेेंदुआ मवेशियों का शिकार कर चुका है। तेंदुए ने भगवान सिंह की बकरियों को कुछ दिन पहले निवाला बना लिया था। वहीं रात के समय अक्सर तेंदुए की गांव में धमक बढ़ रही थी।
जल्द नहीं पकड़ा गया तेंदुआ तो आंदोलन करेंगे
बागेश्वर। महिला को तेंदुए का शिकार बना लेने के बाद असों सहित कठपुड़ियाछीना क्षेत्र के लोगों में दहशत है। कठपुड़ियाछीना जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत, गोपाल सिंह असवाल सहित तमाम क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से तेंदुए को आदमखोर घोषित करने की मांग की है। कहा कि जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाएगा, ग्रामीण भय के माहौल में रहेंगे। अगर जल्द तेंदुआ नहीं पकड़ा गया तो क्षेत्र के लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
जिपं सदस्य और वन विभाग ने की सतर्क रहने की अपील
बागेश्वर। घटना के बाद जिला पंचायत सदस्य चंदन सिंह रावत और रेंजर श्याम सिंह करायत ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों से अपने घर के आसपास उगी झाड़ियों को काटने और शाम होने के बाद घर से बाहर नहीं निकलने के लिए कहा है। जिपं सदस्य रावत का कहना है कि बरसात के दिनों में अक्सर क्षेत्र में तेंदुए की धमक बढ़ जाती है। कहा कि जिस गांव में तेंदुए ने शिकार किया है, वहां वह फिर से धमक सकता है। ऐसे में खेतों में काम करने के लिए जाने वाली महिलाओं को विशेष रूप से सावधानी बरतनी होगी। अपने बच्चों की सुरक्षा का अधिक ध्यान देना होगा। रेंजर करायत ने कहा कि वन विभाग ने गांव में पिंजरा लगा दिया है लेकिन लोगों को भी सजग रहना होगा।