बागेश्वर। प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिले का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। जिला अस्पताल में कोविड जांच बढ़ा दी गई है। अस्पताल में रैपिड एंटीजन और ट्रूनेट विधि से कोरोना की जांच की जा रही है। वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने से टीकाकरण का काम ठप है। वर्तमान में जिले में कोरोना का कोई एक्टिव केस नहीं है।
कोरोना महामारी के पहले और दूसरे चरण में जिले में आठ हजार से अधिक लोग संक्रमित हुए थे। 56 लोगों को कोरोना के चलते जान गंवानी पड़ी थी। एक साल तक राहत के बाद फिर कोरोना का खतरा बढ़ने लगा है। प्रदेश में भी कोरोना के मामले सामने आने के बाद जिला अस्पताल में आने वाले लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी जा रही है। कोविड जांच के लिए एक कर्मचारी की नियुक्ति कर दी गई है। जुकाम, बुखार के मरीजों की कोरोना जांच भी कराई जा रही है। जिले में अब तक 40 प्रतिशत से कम लोगों को प्रिकॉशन डोज लगी है। विभाग के घर-घर टीकाकरण अभियान चलाने के बावजूद लोगों ने प्रिकॉशन डोज लगाने में रुचि नहीं दिखाई थी। अब अगर लोग टीका लगाना भी चाहें तो वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने से परेशानी बढ़ सकती है।
जिला अस्पताल में रोजाना 20 से 25 लोगों की कोरोना जांच की जा रही है। अब तक कोरोना का कोई केस नहीं आया है।
डॉ. वीके टम्टा, सीएमएस, जिला अस्पताल बागेश्वर।
वैक्सीन की डिमांड भेजी गई है। फिलहाल प्रदेश में ही वैक्सीन की किल्लत चल रही है। टीके उपलब्ध होते ही टीकाकरण शुरू करा दिया जाएगा।
डॉ. प्रमोद जंगपांगी, नोडल अधिकारी, टीकाकरण