बागेश्वर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजु सिंह मुंडे की अदालत ने मारपीट और धारदार हथियार से हमला करने के आरोपी को दोषसिद्ध करते हुए एक साल की अवधि के लिए सदाचरण की परिवीक्षा पर छोड़ने का फैसला सुनाया है। आरोपी को चोटिल व्यक्ति की क्षतिपूर्ति के लिए पांच हजार रुपये निर्णय के एक महीने के भीतर अदा करने के निर्देश भी दिए हैं।
11 फरवरी 2022 को वादी संजय सिंह मेहरा हल्द्वानी से अपनी घर को लौट रहे थे। आरोपी रवींद्र सिंह वादी और उनके साथी के साथ शराब के नशे में धुत होकर गालीगलौज करने लगा। जब उसे समझाने का प्रयास किया तो उसने अपनी गाड़ी से धारदार हथियार बड़ियाठ निकालकर प्रहार कर दिया। हादसे में वादी और उसका साथी लहूलुहान हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह से बीचबचाव कर मामला शांत करवाया।
वादी की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ कांडा थाने में धारा 324, 356 और 504 के तहत केस दर्ज किया गया। विवेचना के आधार पर धारा 323, 324, 504 और 506 के तहत न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से नामिका अधिवक्ता मोहन राम ने मामले की पैरवी करते हुए पांच गवाह पेश कराए। न्यायालय ने आरोपी को धारा 504 के आरोप से दोषमुक्त किया, जबकि धारा 323, 324 और 506 के आरोप में दोष सिद्ध करते हुए कारावास की सजा देने की बजाय धारा चार परिवीक्षा का लाभ देते हुए एक साल की अवधि के लिए सदाचरण की परिवीक्षा पर छोड़े जाने का आदेश सुनाया। आरोपी को 25 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और 25-25 हजार के दो जमानती प्रस्तुत करने होंगे। इस अवधि में अगर परिवीक्षा की शर्तों का उल्लंघन हुआ तो आरोपी को विधि अनुसार दंड का पारित किया जाएगा।