बागेश्वर। न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज पुनीत कुमार की अदालत ने घर के भीतर घुसकर महिला पर जानलेवा हमला करने के आरोपी पर दोष सिद्ध किया। न्यायालय ने अपने निर्णय को सुरक्षित रखते हुए अगली सुनवाई के लिए 11 अगस्त की तिथि नियत की है।
अभियोजन कथानक के अनुसार तीन नवंबर 2020 को सिलपाड़ा,निवासी बलवंत सिंह गढि़या ने कपकोट थाने में नवीन सिंह निवासी सिलपाड़ा के खिलाफ तहरीर दी। तहरीर के अनुसार तीन नवंबर को जब वादी की पत्नी हंसी देवी अकेली घर में थी, तो आरोपी उसके घर के भीतर घुस गया। उसने वादी की पत्नी से मारपीट की और उसे जान से मारने की कोशिश की। वादी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 452, 323, 504 के तहत केस दर्ज किया।
इधर, आरोपी की मारपीट से हंसी देवी को गंभीर चोट आई और उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। तत्काल उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां से हायर सेंटर रेफर किया गया। हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में महिला का इलाज चला। पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। विवेचना अधिकारी के उपलब्ध गवाह और साक्ष्य के आधार पर मामले में धारा 452 को लोप करते हुए धारा 325 की बढ़ोत्तरी की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी करते हुए नामिका अधिवक्ता नंद किशोर भट्ट ने 10 गवाह पेश कराए। न्यायालय ने गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर धारा 323, 325 और 504 में आरोपी को दोषी पाते हुए अपने निर्णय को सुरक्षित रखा है।