बागेश्वर। सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने निचली अदालत से दोषी ठहराए गए आरोपी को परिवीक्षा पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार दीपक सिंह रावत निवासी रैखोली पोस्ट बाड़ी (बागेश्वर) बनाम उत्तराखंड राज्य के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के 22 जून 2023 के निर्णय के विरुद्ध सत्र न्यायालय में दांडिक अपील प्रस्तुत की गई थी। सीजेएम न्यायालय ने आरोपी को धारा 380 आईपीसी में दो वर्ष का कठोर कारावास, धारा 411 आईपीसी में दोषमुक्त किया था। धारा 380 आईपीसी में 15000 अर्थदंड से दंडित किया था। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई थी।
सोमवार को सत्र न्यायालय ने सुनवाई कर अपीलार्थी की दोष सिद्धि के संदर्भ में दिए गए अवर न्यायालय के फैसले को अनुरक्षित रखा, परंतु आरोपी दीपक सिंह रावत को दी गई सजा को परिवर्तित करते हुए उसे धारा 4 परीक्षा अधिनियम 1958 का लाभ देते हुए 30000 के जमानती प्रस्तुत करने और इतनी ही राशि के बंधपत्र/वचनपत्र इस आशय का कि वह एक वर्ष की परिवीक्षा काल की अवधि के दौरान अच्छा आचरण बनाए रखेगा। अधिरोपित अपराध जैसे किसी अपराध में लिप्त नहीं होगा। आदेश का अनुपालन नहीं करने पर उसे अवर न्यायालय से अभिरोपित दंड आदेश को भुगतना होगा। संवाद