बागेश्वर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी को बार-बार वाहन खराब होने की परेशानी झेलने वाले ग्राहक को वाहन की पूरी रकम 45 दिन के भीतर चुकाने के आदेश दिए हैं। कंपनी को शिकायकर्ता को मानसिक और आर्थिक क्षति के लिए 50,000 रुपये और वाद व्यय के लिए 10,000 रुपये भी उक्त अवधि में अदा करने होंगे। नियत समय के भीतर रकम अदायगी नहीं होने पर कंपनी के खिलाफ वसूली, कारावास या अर्थदंड की कार्रवाई की जाएगी।
भतरौला निवासी हरीश चंद्र ने चार जनवरी 2018 को महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड, रामपुर रोड, हल्द्वानी से 6,67,207 रुपये में वाहन संख्या यूके 02ए 7373 खरीदा था। वाहन की वारंटी कंपनी की ओर से तीन साल निर्धारित की गई थी। खरीदने के दो महीने बाद यानी 28 मार्च 2018 को वाहन मात्र 4200 किमी चलने के बाद खराब हो गया। जिसकी शिकायत ग्राहक ने विक्रेता से की। विक्रेता ने वाहन हल्द्वानी मंगवाया और सही करके दे दिया। कुछ दिन बाद वाहन फिर खराब हो गया। इसी तरह चार महीने के भीतर पांच बाहर वाहन खराब हुआ। हर बार क्रेता को वाहन लेकर हल्द्वानी जाना पड़ा। क्रेता ने सुविधा के लिए वाहन लिया था, लेकिन वह इसे खरीदकर परेशान हो गया था। ग्राहक ने महिंद्रा एंड महिंद्रा के विक्रेता प्रबंधक बजरंग मोटर्स रामपुर रोड हल्द्वानी, निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड, गेटवे बिल्डिंग, अपोलो वेंडर मुंबई, चंद्रमोहन उपाध्याय, एजेंट महिंद्रा एंड महिंद्रा बागेश्वर और बजरंग मोटर्स, पुराने आरटीओ कार्यालय के समीप कांडा रोड बागेश्वर के खिलाफ आयोग में वाहन खरीद की राशि, पांच बार हल्द्वानी जाने का खर्चा 60,000 और अन्य खर्च 15,000 रुपये ब्याज सहित दिलाने के लिए शिकायती पत्र प्रस्तुत किया। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता मनोज कुमार जोशी ने पैरवी की।
आयोग के अध्यक्ष रमेश कुमार जायसवाल, सदस्य रमेश चंद्र सनवाल और हंसी रौतेला ने मामले की सुनवाई करते हुए महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड, गेटवे बिल्डिंग, अपोलो बेंडर मुंबई को शिकायतकर्ता को वाहन के लिए अदा की गई रकम अंतिम बार वाहन को सर्विस सेंटर छोड़ने की तिथि 17 मई 2019 से भुगतान अदा करने की तिथि तक आठ प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज की दर सहित जोड़ कर एकमुश्त रूप से अदा करने के आदेश दिए। तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर अन्य तीन प्रतिवादियों के खिलाफ प्रस्तुत प्रतिवाद की कार्यवाही को समाप्त किया।