बागेश्वर। जिले में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। रविवार रात को जिला मुख्यालय समेत कपकोट, गरुड़ और धरमघर के जंगलों में आग लग गई। जिला मुख्यालय समेत घाटी वाले क्षेत्रों में धुआं फैलने से लोगों को सांस और आंख संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय से सटे मालता पुलिस लाइन के पास का जंगल रात को जलने लगा। आग तेजी से फैलती जा रही थी। सूचना पर वन विभाग की टीम पहुंची और करीब एक घंटे बाद आग पर काबू पाया। कपकोट के चिरपतकोट के जंगल में आग लगने से एक हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र में वन संपदा को नुकसान हुआ है। कपकोट के पुंगर कक्ष में भी एक हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र आग की चपेट में आ गया। करीब दो घंटे तक जंगल जलता रहा। वन विभाग की टीम ने आग बुझाई। धरमघर रेंज में पिथौरागढ़ जिले की सीमा से लगे जंगलों में आग लगने से करीब दो हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ। गरुड़ के गढ़खेत रेंज में भी जंगल आग की चपेट में आ गया। खबडोली के जंगल में करीब चार घंटे तक लगी आग से दो हेक्टेयर वन संपदा जल गई।
इधर, रेंजर श्याम सिंह करायत ने बताया कि आग की सूचना प्राप्त होने पर वन विभाग की टीम मौके पर जाकर आग बुुझा रही है। वनों में आग लगाने वाले अराजक तत्वों पर भी नजर रखी जा रही है।
इनसेट
अब तक वनाग्नि की 23 घटनाएं दर्ज
बागेश्वर। इस साल मौसम की मेहरबानी से वनों को नुकसान से बचाने में मदद मिली है। जिले में अब तक वनाग्नि की 23 घटनाएं दर्ज हुई हैं। इनमें 19 आरक्षित वन और चार सिविल/ वन पंचायत में हुई हैं। आग से 29.95 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है और 89,850 रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है।
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