बागेश्वर। अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में सीबीएसई पैटर्न लागू होने के बाद पहली बार घोषित बोर्ड परीक्षाफल ने विद्यालयों की कलई खोलने का काम किया। जिस विषय के बच्चों की कंपार्टमेंट आई है, उनके शिक्षक ग्रीष्मावकाश में भी ड्यूटी दे रहे हैं। कमजोर परीक्षाफल के लिए शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई का फरमान भी जारी हुआ लेकिन विद्यालयोंं की सुविधाएं बेहतर करने पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सीबीएसई पैटर्न पर संचालित विद्यालयों में पुस्तकें नहीं पहुंच सकी हैं।
जिले में राइंका अमस्यारी, राइंका वज्यूला, राइंका भटखोला, राइंका सानिउडियार, राइंका स्यांकोट और राइंका सूपी को अटल उत्कृष्ट विद्यालय का दर्जा मिला है। इस साल राइंका सूपी को छोड़कर बाकी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सीबीएसई पैटर्न के अनुसार बोर्ड परीक्षा दी। परीक्षाफल घोषित हुआ तो मात्र तीन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 50 प्रतिशत से अधिक रहा।
कमजोर परीक्षा परिणाम का जिम्मेदार शिक्षकों को ठहराया गया। एससी-एसटी शिक्षक एसोसिएशन ने इस निर्णय को अनुचित बताया। शिक्षक को दोषी ठहराने की बजाय व्यवस्थाओं में सुधार पर जोर देने की मांग की। इसके बाद विद्यालयों की व्यवस्थाओं के लिए कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है।
अब तक जिले के विद्यालयों में कक्षा 10 से 12 तक की एक भी पुस्तक विद्यालय में नहीं पहुंची है। इनमें अटल उत्कृष्ट विद्यालय भी शामिल हैं। ऐसे में अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के विद्यार्थियों से निजी विद्यालयों की तरह परीक्षा परिणाम हासिल करने की उम्मीद करना बेईमानी होगी।
अटल उत्कृष्ट विद्यालयों का परीक्षाफल
बागेश्वर। राइंका भटखोला में हाईस्कूल का परीक्षाफल 33.9, इंटर का 38.57, राइंका वज्यूला में हाईस्कूल का 46.88, इंटर का 74.19, राइंका स्यांकोट में हाईस्कूल का 6.52, इंटर का 33.96, राइंका सानिउडियार में हाईस्कूल का 51.11, इंटर का 27.45 और राइंका अमस्यारी में हाईस्कूल का परीक्षाफल 22.58 और इंटर का 64.86 प्रतिशत रहा।
कक्षा नौ तक की पुस्तकें पहुंच गई हैं। दस से 12 तक की पुस्तकें जल्द पहुंचने की उम्मीद है। जुलाई में विद्यालय खुलने से पहले प्रत्येक कक्षा की सभी पुस्तकें विद्यालय पहुंच जाएंगी।
जीएस सौन, सीईओ बागेश्वर