बागेश्वर। बागेश्वर में नगरपालिका की ढिलाई पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण पर भारी पड़ रही है। सरयू नदी में कई स्थानों पर कूड़े के ढेर पड़े हुए हैं। पालिका की सक्रियता जुर्माने का चेतावनी बोर्ड लगाने तक सीमित है। सरयू नदी तट जहां बोर्ड लगाया गया है वहां नदी तट पर कूड़ा पड़ा है।
नगर में सरयू और गोमती नदियों की स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नदियों के तट कूड़े से पटे हुए हैं। कूड़ा सरयू नदी में जाने से नदी का जल प्रदूषित होने के साथ आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है। इसकी बानगी नगर के कठायतबाड़ा में देखी जा सकती है। कठायतबाड़ा में सरयू तट पर पालिका के ईओ की ओर से कूड़ा डालने पर 200 से 5000 रुपये का जुर्माना और छह माह का कारावास होने संबंधी लोहे का बोर्ड लगाया गया है। बोर्ड के पास नदी तट पर कूड़े का ढेर लगा है।
नदियों में नगरपालिका और सरकारी तंत्र की लापरवाही से कूड़ा डाला जाता है। सीवरेज की गंदगी भी नदियों में जा रही है। नगरपालिका के पास कूड़ा निस्तारण के लिए ट्रंचिंग ग्राउंड तक नहीं है। नगर से हर रोज निकलने वाला करीब आठ टन कूड़ा दफौड़ रोड पर पुलिस लाइन के पास सड़क के किनारे निस्तारित कर दिया जाता है। इससे आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है।
कोट
नदी किनारे कूड़ा निस्तारित करना गंभीर चिंता का विषय है। यदि पालिका केवल बोर्ड लगाने तक सीमित है तो यह चिंता का विषय है। मामले को दिखवाया जाएगा। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नदियों में कूड़ा डालने पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।-अनुराधा पाल, डीएम बागेश्वर।
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जहां पर बोर्ड लग है, सरयू तट पर वहीं पर पड़ा है कूड़े का ढेर