बागेश्वर। शिक्षा विभाग में इन दिनों तबादलों का दौर चल रहा है। जिले के कई शिक्षक इधर-उधर हो गए हैं। कुछ शिक्षक दूसरे जिलों में स्थानांतरित हो गए हैं। शिक्षकों के स्थानांतरण का असर अतिथि शिक्षकों की सेवा पर पड़ रहा है। स्थायी शिक्षकों के आने से कई अतिथि शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
शिक्षकों के अधिकतर पद रिक्त होने पर सरकारी शिक्षा को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी अतिथि शिक्षकों पर रहती हैं। स्थायी शिक्षक से बेहद कम वेतन में काम करने वाले अतिथि शिक्षकों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। नए शिक्षा सत्र में अतिथि शिक्षकों के सामने फिर से अपनी जगह बचाने की चुनौती है।
माध्यमिक अतिथि शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष महेश चंद्र टम्टा ने बताया कि जिले में 250 अतिथि शिक्षक तैनात हैं। बीते मार्च-अप्रैल से चल रहे तबादलों के कारण करीब 40 अतिथि शिक्षकों का रोजगार प्रभावित होने की संभावना है। कहा कि पिछले आठ साल से अतिथि शिक्षक समायोजन की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। जल्द सीईओ को ज्ञापन देकर समस्या को उठाया जाएगा और प्रभावित अतिथि शिक्षकों को जिले के विद्यालयों में रिक्त पदों के सापेक्ष तत्काल तैनाती देने की मांग की जाएगी।