गरुड़ (बागेश्वर)। भिलकोट न्याय पंचायत के ग्रामीण तेंदुए के आतंक से भयभीत हैं। वन विभाग की ओर से न्याय पंचायत के गांवों में पिंजरा अब तक नहीं लगाया गया है जिससे ग्रामीणों की रात की नींद हराम हो गई है। तेंदुए को आबादी से भगाने के लिए ग्रामीण शाम होते ही ढोल बाला बजाना शुरू कर देते है।
बीते बृहस्पतिवार को तेंदुए ने स्कूल जा रही एक बालिका को पंजा मारकर गंभीर घायल कर दिया था। हरी नगरी के पूर्व प्रधान लक्ष्मण राम आर्या, नौगांव के त्रिलोक बुटोला, पूर्व जिला पंचायत सदस्य जीतेंद्र मेहता ने बताया कि तेंदुआ शाम होते ही कई दिनों से आबादी में दस्तक दे रहा है उसे आबादी से भगाने के लिए ग्रामीण शाम होते ही ढोल बाला बजाना शुरू कर देते हैं। तेंदुआ चार साल पूर्व सेलखनारी और हरीनगरी में दो मासूम बच्चों को निवाला बना चुका है। ग्रामीणों ने वन विभाग से न्याय पंचायत के हर गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है। वन रेंजर हरीश खर्कवाल ने बताया कि पिंजरा लगाने के संबंध में विभाग के आला अधिकारियों को लिखा गया है।