बागेश्वर। राजकीय जूनियर हाईस्कूल मटीना के भवन की लंबे समय मरम्मत नहीं हो पा रही है। भवन के दो कक्षों में करीब आठ-नौ साल पहले दरार पड़ गई थी। समय के साथ दरारें चौड़ी होती जा रही हैं और खतरा बढ़ता रहा है। लगातार मरम्मत की मांग की जा रही है लेकिन आपदा मोचन निधि, जिला योजना और समग्र शिक्षा मद की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया।
राजकीय जूनियर हाईस्कूल मटीना के भवन का निर्माण वर्ष 2004 में हुआ था। कुछ समय तक भवन सही था लेकिन बाद में धीरे-धीरे भवन के आसपास की जमीन में भू-धंसाव होने लगा। वर्ष 2013-14 में आपदा के दौरान विद्यालय भवन के दो कक्षों में दरार पड़ गई थी। इसके बाद से हर साल दरारें चौड़ी होती जा रही हैं। ग्राम प्रधान रवि शंकर बिष्ट ने बताया कि विद्यालय में दरार पड़ने की सूचना तहसील प्रशासन, आपदा प्रबंधन और शिक्षा विभाग को दी गई थी। राजस्व विभाग की टीम ने निरीक्षण भी किया है लेकिन भवन की मरम्मत के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
प्रधानाध्यापक डीएल वर्मा ने बताया कि विद्यालय भवन के टीएलएम कक्ष और एक शिक्षण कक्ष में दरारें पड़ी हैं। बाकी तीन कमरे सुरक्षित हैं जहां विद्यार्थियों की पढ़ाई होती है। वर्तमान में विद्यालय की छात्र संख्या 14 है। बारिश के दिनों में विद्यार्थियों को पास के प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि विभाग को कई बार सूचित किया जा चुका है। क्षतिग्रस्त विद्यालयाें की सूची में भी विद्यालय का नाम भेजा गया है।
क्षतिग्रस्त विद्यालयों के भवनों की प्राथमिकता के अनुसार मरम्मत कराई जा रही है। पिछले साल 64 विद्यालयों में मरम्मत का काम किया गया था। इस वर्ष 100 विद्यालयों को दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले पोलिंग बूथ वाले स्कूल में मरम्मत और अन्य कार्य कराए जाने हैं।-जीएस सौन, सीईओ बागेश्वर