बागेश्वर। डीएम अनुराधा पाल की समीक्षा बैठक में अधिकारियों की लापरवाही सामने आई। समीक्षा के दौरान जिला पर्यटन अधिकारी पीके गौतम ने डीएम को झूठी सूचना दे दी। इसका पर्दाफाश बैठक में ही हो गया। जिला पर्यटन अधिकारी की हरकत से नाराज डीएम ने सीडीओ रमेश चंद्र तिवारी को पर्यटन अधिकारी का लिखित स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। स्पष्टीकरण का सटीक उत्तर न मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
यह वाकया शुक्रवार को विकास भवन में जिला योजना की समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया। डीएम जिला योजना में आवंटित बजट की समीक्षा कर रहीं थीं। पर्यटन विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान डीएम ने जिला पर्यटन अधिकारी पीके गौतम से आवंटित बजट के बारे में जानकारी मांगी। जिला पर्यटन अधिकारी ने बताया कि माल्दे में बनने वाले पैरासिलिंग के ढांचे समेत चार कार्यों के लिए बजट कार्यदायी संस्था ग्रामीण विकास विभाग (आरडब्ल्यू) को उपलब्ध करा दिया है। इस पर आरडब्ल्यूडी के ईई रमेश चंद्रा से डीएम ने कार्य की प्रगति के बारे में पूछा तो ईई ने बजट आवंटित होने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि बजट तो दूर उनके विभाग को होने वाले निर्माण कार्यों की जानकारी तक अब तक नहीं दी गई है।
इस पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने पर्यटन अधिकारी का स्पष्टीकरण तलब कर लिया। स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं होने पर अगला कदम उठाने की चेतावनी दी।
लापरवाह अधिकारियों का बख्सा नहीं जाएगा : डीएम
बागेश्वर। डीएम अनुराधा पाल ने बातचीत में कहा कि बजट आवंटन की झूठी सूचना देना गंभीर लापरवाही है। कार्यदायी संस्था को बजट आवंटन नहीं किया गया। कार्यों तक की जानकारी जिला पर्यटन अधिकारी ने नहीं दी। सीडीओ को जिला पर्यटन अधिकारी से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए गए हैं। स्पष्टीकरण में संतोषजनक उत्तर न मिलने पर पर्यटन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों और जनता के कामों में लेटलतीफी कतई सहन नहीं जाएगी। लापरवाही साबित होने पर संबंधित अधिकारी को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इसके लिए लगातार अधिकारियों को सतर्क भी किया जा रहा है। संवाद
आचार संहिता से बाधित न हों विकास कार्य, समय पर लगाएं टेंडर
बागेश्वर। जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने बागेश्वर में होने वाले विधानसभा उप चुनाव, लोकसभा उप चुनाव को देखते हुए जल्द से जल्द विकास कार्यों के टेंडर लगाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं ताकि आचार संहिता के चलते विकास कार्य प्रभावित न हों।
शुक्रवार जिला योजना, राज्य, केंद्र सेक्टर और बाह्य सहायतित कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि राज्य योजना और केंद्र पोषित योजनाओं में गत वित्तीय वर्ष की अवशेष धनराशि को 15 अगस्त तक व्यय करना होगा। जिन कार्यों के टेंडर नहीं लगे हैं, एक सप्ताह के भीतर टेंडर लगा लें। बीस सूत्री कार्यक्रमों के लक्ष्यों में यदि किसी विभाग को संशोधन करना है तो उसे भी समय से कर लें। सीडीओ आरसी तिवारी ने बताया कि जिला योजना में अवमुक्त धनराशि विभागों को अवमुक्त कर दी है। 35 प्रतिशत व्यय हो गया है। राज्य सेक्टर में 48.84 प्रतिशत, केंद्र पोषित योजनाओं का 88 प्रतिशत व्यय हुआ है। बैठक में महकमों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। संवाद