बागेश्वर। गर्मी बढ़ने का असर पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। जिले के अधिकतर इलाकों में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
नगरपालिका क्षेत्र के सैम मंदिर वार्ड में पेयजल की अनियमित आपूर्ति से परेशानी बढ़ गई है। नलों में पानी की बूंद नहीं टपक रही है। प्राकृतिक स्रोत का जलस्तर लगातार घटता जा रहा है। सैम मंदिर वार्ड के जुल्किया और नदीगांव में 40 से अधिक परिवारों को नियमित पेयजल नहीं मिल रहा है। जुल्किया तोक में ज्यादा परेशानी है। नल से आपूर्ति ठप है तो एकमात्र नौले पर निर्भरता बढ़ने से पानी का स्तर कम हो गया है। पेयजल जुटाने के चलते लोगों के रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
पहले जखेड़ा पेयजल योजना से पानी मिलता था। बाद में जजी वाली लाइन से आपूर्ति होने लगी। वर्तमान में किसी भी योजना से पानी नहीं मिल रहा है। हफ्ते में एक या दो बार ही नल में पानी आता है। विभाग को बताने पर भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
दीपक जोशी, जुल्किया
नल में पानी नहीं आने से सभी लोग नौले पर निर्भर हो गए हैं। गर्मी बढ़ने से नौले का पानी भी कम होने लगा है। नौले से पानी जुटाने के कारण रोजाना के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है।
कमला जोशी, जुल्किया
एक ओर सरकार हर घर नल की बात कर रही है जबकि पहले से घरों में लगे नलों से ही पानी नहीं मिल रहा है। प्राकृतिक स्रोत से पानी जुटाने के लिए पूरे परिवार को मशक्कत करनी पड़ रही है। विभाग को समस्या का जल्द समाधान करना चाहिए।
दीपा कांडपाल, जुल्किया
जुल्किया में लंबे समय से पीने के पानी का संकट है लेकिन हमारी कोई सुनने वाला नहीं है। जिला मुख्यालय में रहकर भी पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। विभाग बिल तो समय पर भेज देता है, लेकिन पेयजल संकट को दूर नहीं कर रहा।
भगवती जोशी, जुल्किया
गर्मी बढ़ने के कारण स्रोतों में पानी की मात्रा कम हो रही है। कई इलाकों में रोस्टर के अनुसार पानी दिया जा रहा है। नदीगांव और जुल्किया में भी लोगों को रोस्टरवार पीने का पानी मुहैया कराया जा रहा है। पेयजल लाइन में समस्या होगी तो उसकी जांच कराई जाएगी।
सीएस देवड़ी, ईई जल संस्थान बागेश्वर