बागेश्वर। चाइना की नापाक हरकतों को देखते हुए पूर्व सैनिकों का भी खून खौलने लगा है। वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध के जांबाज रिटायर्ड नायब सूबेदार माधवानंद चौबे कहते हैं कि चीन को उसी की तर्ज पर जवाब देना समय की जरूरत है। अन्यथा चीन ऐसी हिमाकत करता रहेगा। वीर सैनिक माधवानंद चौबे कहते हैं कि आज का भारत हर तरह से चीन को सबक सिखाने में सक्षम है। कहते है कि सभी पूर्व सैनिक चीन को सबक सिखाने के लिए सरहद पर जाने के लिए तैयार हैं।
वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध की याद ताजा करते हुए कहते हैं कि तब भारतीय सेना ने पाकिस्तान को धूल चटा दी थी। पाकिस्तान की सेना को लाहौर तक खदेड़ दिया था। चायना से युद्ध हुआ तो भारतीय सेना ऐसा ही जौहर दिखाएगी। देश की ओर आंख उठाने वाले का सफाया करने में हिंद की सेना सक्षम है।
गौरतलब है कि वीर सैनिक माधवानंद चौबे के पुत्र पूरन चंद्र ने कारगिल की लड़ाई में शहादत दी थी। उनके पुत्र संजीव चौबे कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती होकर इस समय ट्रेनिंग ले रहे हैं। जांबाज माधवानंद चौबे 6 कुमाऊं रेजीमेंट का हिस्सा रहे हैं।