पिंडर घाटी के पीएचसी खाती में विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. गीता रेवाड़िया।
बागेश्वर। हंस फाउंडेशन की ओर से खाती में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की बदौलत पिंडर घाटी के लोगों को पहली बार विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. गीता रेवाड़िया की सेवाएं मिलने लगीं हैं। पहले इन दूरस्थ गांवों की स्वास्थ्य सुविधाएं सीएचओ, फार्मासिस्ट, एएनएम के भरोसे ही चलतीं थीं। कपकोट क्षेत्र के किलपारा गांव में पहली बार विशेषज्ञ डॉक्टर पहुंचीं तो ग्रामीण जांच कराने के लिए उमड़ पड़े।
खाती गांव के अस्पताल में एक अप्रैल को वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गीता रेवाड़िया की तैनाती हुई है। राजस्थान के अलवर जिले की निवासी डॉ. गीता ने अप्रैल में ही दूरस्थ गांव बदियाकोट में पहला स्वास्थ्य शिविर लगाया। इसके बाद उन्होंने शनिवार को किलपारा गांव में शिविर लगाया। इसमें जुकाम, बुखार, खांसी, बदन दर्द से पीड़ित 46 मरीजों की जांच और उपचार किया गया। डॉ. गीता ने महिलाओं में होने वाली बीमारियों से बचाव, गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानी, मासिक धर्म की परेशानी और महिला रोगों के बारे में बताया।
आजादी के बाद पहली बार गांव पहुंची है विशेषज्ञ डॉक्टर
बागेश्वर। किलपारा की ग्राम प्रधान हिम्मती देवी दावा करतीं हैं कि उनके गांव में इससे पहले कभी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं आए। कई महिलाओं को पहली बार स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच कराने का मौका मिला है। डॉ. गीता ने महिलाओं को जागरूक करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
स्वास्थ्य को लेकर जागरूक होना जरूरी
बागेश्वर। डॉ. गीता ने बताया कि क्षेत्र के लोग स्वास्थ्य के प्रति कम जागरूक हैं। खासतौर पर महिलाएं अपने स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रख रहीं हैं। इसलिए उनकी प्राथमिकता है कि गांवों में शिविर लगाकर महिलाओं को जागरूक करें ताकि सभी लोग अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देकर सेहतमंद और खुशहाल जीवन जी सकें।