बागेश्वर। विशेष सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम के आरोपी को दोषमुक्त किया है।
एसआई कैलाश सिंह बिष्ट के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस ने 19 मार्च 2021 को तहसील मार्ग निवासी आरोपी हर्षवर्धन सिंह धानिक उर्फ हर्षू को एआरटीओ कार्यालय बिलौना से गिरफ्तार किया था। उससे 6.36 ग्राम स्मैक बरामद होना दिखाया गया था। वादी एसआई बिष्ट की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ कोतवाली में 8/21 एनडीपीएस अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। आरोपी की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र सिंह कोरंगा और हेम चंद्र सिंह राणा ने न्यायालय में पैरवी कर बताया कि आरोपी की तलाशी नायब तहसीलदार के सम्मुख ली गई जबकि नायब तहसीलदार को राजपत्रित अधिकारी का दर्जा प्राप्त नहीं है।
अधिवक्ताओं ने इसे साबित करने के लिए आरटीआई से प्राप्त दस्तावेज भी पेश किए। ऐसी परिस्थितियों में एनडीपीएस के प्रावधानों का अनुपालन नहीं हुआ है। न्यायालय ने इस तर्क से सहमति जताई। इसे देखते हुए आरोपी को इसका लाभ दिया जाना पूर्ण रूप से न्यायसंगत प्रतीत होता।