2021 में मिली थी पुल को स्वीकृति, सात जनवरी 2022 को हुआ शुरू
छह अक्तूबर 2022 को पुल का निर्माण होना था पूरा
स्थलीय निरीक्षण पर गए ब्लॉक प्रमुख ने जताई नाराजगी, विधायक से की कार्यदायी संस्था पर केस दर्ज कराने की मांग
बागेश्वर/कपकोट। उंगिया-सोराग मोटर मार्ग को जोड़ने के लिए पिंडर नदी पर 60 मीटर स्पान का पुल का निर्माण कार्य एक साल पहले पूरा होना था, लेकिन अब तक केवल एक अबटमेंट बन सका है। स्थलीय निरीक्षण पर गए कपकोट के ब्लॉक प्रमुख गोविंद दानू ने पुल निर्माण में देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने विधायक से कार्यदायी संस्था के खिलाफ केस दर्ज कराने की मांग की है।
ब्लॉक प्रमुख दानू ने बताया कि बताया कि उंगिया-सोराग मोटर मार्ग के लंबे समय से बंद रहने की शिकायत पर स्थलीय निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण में साथ रहे पीएमजीएसवाई के ईई अंबरीष रावत को जल्द मार्ग खोलने को कहा गया। इसी दौरान पिंडर नदी पर बन रहे पुल का भी मुआयना किया। दानू ने बताया कि पुल को वर्ष 2021 में स्वीकृति मिली थी। चार करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाले पुल का काम सात जनवरी 2022 को शुरू हुआ और अनुबंध के अनुसार छह अक्तूबर 2022 को पुल का निर्माण पूरा होना था।
कार्यदायी संस्था वाप्कोस को दो करोड़, 30 लाख 73 हजार रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है, बावजूद इसके पुल का काम शुरुआती चरण के बाद बंद कर दिया गया। प्रमुख ने बताया कि 11.30 किमी लंबी सड़क में डामरीकरण हो गया है। छोटी पुलिया भी बन गईं, लेकिन मुख्य पुल के नहीं बनने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने की भी चेतावनी दी है। प्रमुख दानू ने पुल के मामले के आगामी दो जनवरी को कपकोट आ रहे सीएम पुष्कर सिंह धामी के सम्मुख उठाने की भी बात कही।
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