बागेश्वर के खुनौली में च्यूड़े कूटतीं महिलाएं। संवाद
बागेश्वर। भाईदूज या यम द्वितीया का त्योहार आज मनाया जाएगा। जिले के ग्रामीण अंचलों में महिलाओं ने त्योहार के लिए पहले से भिगोये गए धान को भूनने के बाद उन्हें ओखली में कूटा। इन च्यूड़ों को पहले भगवान को अर्पित किया जाएगा, बाद में परिवार के सदस्यों के मस्तक पर धारण कराकर उनकी खुशहाली की कामना की जाएगी।
भाईदूज या यम द्वितीया भाई और बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व है। इस पर्व का महात्मय धर्मराज यमराज और उनकी बहन यमुना से जुड़ा है। इस दिन भाई बहन के घर जाते हैं। गोवर्धन पूजा के दिन कूटे हुए च्यूड़ा को बहनें भाइयों के मस्तक पर लगाती हैं। घर के बुजुर्ग परिवार के अन्य सदस्यों को च्यूड़े लगाते हैं।
भाईदूज के लिए जिले के ग्रामीण अंचलों में च्यूड़े कूटे जाते हैं, हालांकि नगरीय क्षेत्र में लोग बाजार से च्यूड़े खरीदकर रस्म निभाते हैं। मंगलवार को गांव-गांव में महिलाओं और परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर च्यूड़े कूटे। कुछ स्थानों पर सामूहिक च्यूड़े कूटने का कार्यक्रम भी हुआ।